धार , नवंबर 20 -- मध्यप्रदेश के धार शहर में बैंक कर्मचारी के परिवार के साथ ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें साइबर पोर्टल व पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते पीड़ित को 53 हजार रुपए वापस मिल गए हैं। धोखाधड़ी आयुर्वेदिक दवा की जानकारी देने के बहाने किए गए क्यूआर कोड स्कैन के माध्यम से हुई।
मिली जानकारी के अनुसार, त्रिमूर्ति कॉलोनी निवासी बैंक कर्मचारी बी. संतोष की सास के पास कुछ लोग पहुंचे और आयुर्वेदिक दवाइयों संबंधी जानकारी देते हुए एक क्यूआर कोड स्कैन करने को कहा। इस पर संतोष की पत्नी ने 53 हजार रुपए ऑनलाइन संबंधित खाते में ट्रांसफर कर दिए। दो दिन बाद कर्मचारी संतोष को जब इस पूरे मामले का पता चला, तो उन्होंने तुरंत कोतवाली थाने पहुँचकर 1930 साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
थाना प्रभारी दीपक सिंह चौहान के अनुसार, साइबर सेल की मदद से जिस खाते में राशि ट्रांसफर हुई थी, उसे होल्ड करवाया गया। जांच में सामने आया कि यह रुपए जिला बारां (राजस्थान) के एक ई-मित्र संचालक के खाते में ट्रांसफर हुए थे। उसका खाता फ्रीज कर जानकारी बैंक से प्राप्त की गई। ई-मित्र संचालक ने बताया कि कुछ युवक उसके खाते में राशि जमा करवाकर बदले में नगद ले गए थे।
राजस्थान की स्थानीय पुलिस की सहायता से राशि ई-मित्र संचालक को वापस कराई गई, जिसके बाद यह राशि थाना कोतवाली के माध्यम से बैंक कर्मचारी को लौटाई गई। रकम वापस दिलाने की कार्रवाई में साइबर सेल धार तथा आरक्षक राममूर्ति रावत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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