चेन्नई , जनवरी 27 -- अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) के महासचिव सी.एच. वेंकटचलम ने कहा कि पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग को लेकर मंगलवार को बैंक कर्मचारियों द्वारा की गई राष्ट्रव्यापी हड़ताल पूरी तरह सफल रही।

श्री वेंकटचलम ने कहा कि वित्तीय क्षेत्र में, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), जीवन बीमा निगम (एलआईसी) और सामान्य बीमा निगम (जीआईसी) जैसी संस्थाएं पहले से ही पांच दिवसीय कार्य सप्ताह का पालन करती हैं। इसी तरह, केंद्र और राज्य सरकार के कार्यालय सोमवार से शुक्रवार तक कार्य करते हैं। शेयर बाजार केवल कार्यदिवसों में ही संचालित होते हैं, जबकि मुद्रा बाजार और विदेशी मुद्रा लेनदेन शनिवार और रविवार को बंद रहते है।

उन्होंने कहा, "बैंकों में दूसरे और चौथे शनिवार पहले से ही अवकाश होते हैं। सोमवार से शुक्रवार तक कार्य घंटों में वृद्धि के साथ शेष शनिवारों को अवकाश घोषित करने से ग्राहकों को कोई बड़ी असुविधा नहीं होगी, विशेष रूप से वर्तमान परिदृश्य में जब बैंकिंग सेवाओं के लिए कई वैकल्पिक वितरण चैनल उपलब्ध हैं।"श्री वेंकटचलम ने कहा कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) कई वर्षों से बैंकिंग क्षेत्र के लिए पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग कर रहा है। 2015 में हस्ताक्षरित समझौते के तहत, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) और सरकार ने प्रत्येक माह के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश घोषित करने पर सहमति व्यक्त की, जबकि शेष शनिवार पूरे कार्य दिवस के रूप में जारी रहे।

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