चंडीगढ़ , अप्रैल 09 -- पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने गुरूवार को 'पेंशनभोगी सेवा पोर्टल' से संबंधित देरी और लंबित मुद्दों की समीक्षा के लिए बैंकों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। वित्त मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में बैंकों को पेंशन राशि की प्रतिपूर्ति तभी की जाएगी जब उनका प्रदर्शन और प्रगति संतोषजनक होगी।
बैंक अधिकारियों को संबोधित करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा, "मैं 24 दिसंबर 2025 को हुई हमारी प्रारंभिक बैठक के बाद से ही स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहा हूँ, जहाँ बैंकों ने विभिन्न कार्यों को पूरा करने की समय सीमा तय की थी। 2 फरवरी 2026 को अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) की समीक्षा में यह पाया गया कि बैंकों ने दी गई समय सीमा का पूरी तरह पालन नहीं किया। इसके बाद बैंकों के अनुरोध पर ही समय सीमा बढ़ाई गई थी।"उन्होंने पिछली बैठकों का उल्लेख करते हुए कहा, "26 फरवरी 2026 को हुई समीक्षा में नवंबर 2025 के पेंशन प्रतिपूर्ति दावों को जारी करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन यह इस सख्त शर्त पर था कि बैंक 31 मार्च 2026 तक शेष पेंशनभोगियों के जीवन प्रमाण पत्र (जेपीपी) और लंबित पीरपीओ पीडीएफ जमा करेंगे। अगले महीनों के दावों का भुगतान पूरी तरह से बैंकों द्वारा हासिल की गई प्रगति पर निर्भर किया गया था।"वित्त मंत्री ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि नवंबर 2025 के सभी ई-स्क्रॉल बैंकों द्वारा अपलोड कर दिए गए हैं और राज्य सरकार द्वारा भुगतान जारी कर दिया गया है। पंजाब एंड सिंध बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक और केनरा बैंक ने अपने सॉफ्टवेयर को 'पेंशनभोगी सेवा पोर्टल' के साथ सफलतापूर्वक एकीकृत कर लिया है। अन्य बैंकों को जीवन प्रमाण पत्र के माध्यम से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने और सॉफ्टवेयर एकीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने की जरूरत है।
वित्त मंत्री ने बैंकों के लिए दिशा-निर्देश तय किए है जिनके अनुसार बैंक पोर्टल में निर्धारित गणना और फॉर्मूलों के अनुसार बिल्कुल सही स्क्रॉल अपलोड करें ताकि उन्हें जल्द मंजूरी दी जा सके। लंबित मामले: लंबित पीपीओ पीडीएफ उपलब्ध कराना और प्रोविजनल पेंशनभोगियों को मंजूरी देना बैंकों की प्राथमिकता होनी चाहिए। जिला खजाना अधिकारियों द्वारा उठाए गए ऑब्जेक्शंस या विसंगतियों को बैंक तुरंत दूर करें। पोर्टल पर अनिवासी भारतीयों को सही ढंग से मार्क करें और उनके द्वारा जमा किए गए नोटरीकृत जीवन प्रमाण पत्र अपलोड करें। उन्होंने कहा कि बैंक अपने स्तर पर लंबित जीवन प्रमाण पत्र अनुरोधों को निर्णायक रूप से स्वीकार या अस्वीकार करें और भविष्य में तकनीकी गलतियों से बचने के लिए अपने आंतरिक सिस्टम में सुधार करें।
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