नयी दिल्ली , दिसंबर 11 -- वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने गुरुवार को कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए, बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान आगामी वर्ष 2026-27 से उम्मीदवारों को उनकी उत्तर पुस्तिकाओं और उत्तर कुंजी तक पहुंचने के लिए लॉगिन-आधारित सुविधा प्रदान करेगा, ताकि इनकी पारदर्शिता और मजबूत हो।
विभाग की ओर से गुरुवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) के नवनियुक्त अभ्यर्थियों के राष्ट्रीयकृत बैंकों (एनबी) और एनबी को छोड़ कर भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में चले जाने की प्रवृत्ति को ध्यान में रखते हुए भी कुछ सुधार किये गये हैं। बयान में कहा गया है कि बैंकिंग क्षेत्र में भर्ती परीक्षाओं और उनके परिणामों की घोषणा की समय-सीमा को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण पहल की गयी हैं। एसबीआई, एनबी और आरआरबी में भर्ती परीक्षाओं में और सुधार किये गये हैं और इन पहलों का उद्देश्य बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (आईबीपीएस) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाना है।
विभाग की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारतीय स्टेट बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में भर्ती संबंधित बैंकों के निर्देशों के अनुसार आईबीपीएस प्रक्रिया के माध्यम से की जाती है। आमतौर पर, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की परीक्षाएं राष्ट्रीय बैंकों और भारतीय स्टेट बैंक की परीक्षाओं से पहले आयोजित की जाती हैं। परिणाम भी इसी क्रम में घोषित किये जाते हैं।
विभाग ने इन भर्तियों में एक उल्लेखनीय प्रवृत्ति के उभरने का भी उल्लेख किया है, जिसमें अक्सर क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में नवनियुक्त अभ्यर्थी राष्ट्रीयकृत बैंकों में और वहां से भारतीय स्टेट बैंक में चले जाते हैं। इसके कारण कई बैंकों में कर्मचारियों की संख्या में काफी कमी आयी है और परिचालन संबंधी चुनौतियां उत्पन्न हुई हैं।
उपरोक्त मुद्दे को ध्यान में रखते हुए, वित्तीय सेवा विभाग ने भर्ती परीक्षाओं की व्यापक प्रक्रिया और परिणाम घोषणा के पैटर्न की समीक्षा की और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) को तीनों श्रेणियों के बैंकों में भर्ती परिणामों की घोषणा के लिए एक मानकीकृत और तार्किक क्रम लागू करने की सलाह दी। अब पहले भारतीय स्टेट बैंक, फिर राष्ट्रीयकृत बैंक और अंत में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के नतीजे घोषित किये जाएंगे।
इसके अतिरिक्त, इन श्रेणियों के अंतर्गत सभी अधिकारी-स्तरीय परीक्षाओं के परिणाम पहले घोषित किये जाएंगे और लिपिक-स्तरीय परीक्षाओं के परिणाम उसी क्रम में बाद में घोषित किये जाएंगे। यह व्यवस्थित क्रम उम्मीदवारों को अपनी प्राथमिकतायें शीघ्रता से व्यक्त करने और सोच-समझकर निर्णय लेने में सहायता करने के लिए बनाया गया है। विभाग का कहना है कि यह दृष्टिकोण उम्मीदवारों के लिए पूर्वानुमान को बढ़ाएगा, भर्ती स्थिरता में सुधार करेगा, उद्योग में कर्मचारियों के छोड़ने की दर को काफी हद तक कम करेगा और बैंकिंग क्षेत्र में अधिक प्रभावी कार्यबल नियोजन को सक्षम बनाएगा।
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