देहरादून , अप्रैल 18 -- उत्तराखंड में गंगोत्री, यमुनोत्री, बदरीनाथ और केदारनाथ चारों धाम यात्रा की 24 घंटे सातों दिन निगरानी के लिए सरदार पटेल भवन में एक अत्याधुनिक 'चारधाम कंट्रोल रूम' स्थापित किया गया है और सुरक्षा की दृष्टि से संपूर्ण यात्रा मार्ग को 16 सुपर जोन, 43 जोन और 149 सेक्टरों में विभाजित किया गया है।
इस वर्ष ग्रीष्मकालीन यात्रा रविवार अक्षय तृतीया से शुरू होने जा रही है। चारधाम यात्रा की सफलता उसमें आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर निर्भर है। बीते वर्षों में लगातार बढ़ती जा रही यह संख्या इस वर्ष कितनी बढ़ेगी, यह खाड़ी युद्ध के कारण उत्पन्न पेट्रोलियम पदार्थों पर निर्भर करेगा। फिर भी पुलिस विभाग धाकड़ मुख्यमंत्री के रूप में चर्चित पुष्कर सिंह धामी के आत्मविश्वास और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ के निर्देशन में पूरी शिद्दत से जुटा है। यह अलग बात है कि यात्रा मार्गों पर पड़ने वाले जिलों में होटल, रेस्टोरेंट हो नहीं पुलिस लाइन्स , जहां पुलिस कार्मिक रहते हैं, में कुकिंग गैस की भारी किल्लत है।
चारधाम यात्रा मार्ग पूरी तरह गढ़वाल मंडल में है, इसीलिए इस जोन के पुलिस अधिकारियों पर हमेशा की तरह काफी दबाव हैं। फिर भी लगातार बेहतर व्यवस्था करने में मुख्यमंत्री से लेकर निम्न स्तर के सभी लोग जुटे हुए हैं। गढ़वाल परिक्षेत्र (जोन) के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) राजीव स्वरूप के अनुसार, आगामी चारधाम यात्रा की सुरक्षा एवं सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने को अधिक डिजिटल, सुरक्षित और सुविधायुक्त बनाने के लिए व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि यात्रा की 24x7 मॉनिटरिंग के लिए सरदार पटेल भवन में एक अत्याधुनिक 'चारधाम कंट्रोल रूम' स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से संपूर्ण यात्रा मार्ग को 16 सुपर जोन, 43 जोन और 149 सेक्टरों में विभाजित किया गया है।
श्री स्वरूप के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था में जिला पुलिस के साथ-साथ पीएसी, होमगार्ड और पीआरडी के जवानों की तैनाती की गई है। इसके अतिरिक्त एसडीआरएफ, एटीएस, बीडीएस व जल पुलिस की टीमों की भी तैनाती की गई है। उन्होंने बताया कि चारों धाम और यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। जबकि भीड़ नियंत्रण एवं निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को पार्किंग स्थल व हॉल्टिंग पॉइंट बनाए गए हैं जहाँ यात्रियों के ठहरने की उचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि यातायात सुचारू रखने के लिए मार्गों पर बॉटल नेक, ब्लैक स्पॉट और लैंडस्लाइड जोन चिन्हित कर वहां विशेष प्रबंध किए गए हैं।
आईजी ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए कुल पांच ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र हरिद्वार, देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी में संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही हेली सेवा की बुकिंग और पंजीकरण कराएं। सोशल मीडिया सेल के माध्यम से यात्रियों को मौसम, आपदा और मार्ग की स्थिति के बारे में रियल-टाइम अपडेट दिए जाएंगे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित