नयी दिल्ली , मार्च 15 -- विदेश मंत्री एस. जयशंकर बेल्जियम के साथ द्विपक्षीय संबंध को मजबूत करने के उदेश्य से दो दिवसीय दौरे पर रविवार को ब्रसेल्स पहुंचे।

ब्रसेल्स स्थित भारतीय दूतावास में वर्तमान में चार्ज डी अफेयर्स एवं उप मिशन प्रमुख (डीएसीएम) के रूप में कार्यरत डॉ. एम. बालाजी ने उनका स्वागत किया। इससे पहले जारी एक बयान में विदेश मंत्रालय ने कहा था कि श्री जयशंकर यूरोपीय संघ (ईयू) की उच्च प्रतिनिधि एवं उपाध्यक्ष काजा कल्लास के निमंत्रण पर दो-दिवसीय यात्रा पर हैं।

इस यात्रा के दौरान वह विदेश मामलों की परिषद की बैठक में ईयू के 27 सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों के साथ बातचीत करेंगे। सुश्री कल्लास ने भारत और ईयू के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत करने के लिए जनवरी 2026 में भारत का दौरा किया था। उस यात्रा के दौरान, उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित वरिष्ठ भारतीय नेताओं के साथ उच्च-स्तरीय चर्चाएं कीं। इन चर्चाओं का मुख्य ज़ोर सुरक्षा, रक्षा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर था। साथ ही समुद्री सुरक्षा और साइबर खतरों जैसी उभरती भू-राजनीतिक चुनौतियों से निपटने पर भी बात हुई।

इस दौरे का एक अहम नतीजा नयी दिल्ली के हैदराबाद हाउस में भारत-ईयू सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर के रूप में सामने आया था, जिसे दोनों पक्षों ने आपसी रिश्तों को फिर से मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम बताया। इस दौरे का मकसद लंबे समय से अटके भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत को आगे बढ़ाना भी था, जिसका लक्ष्य इलेक्ट्रॉनिक्स और कपड़ा जैसे सेक्टरों में व्यापार को बढ़ाना और टैरिफ (शुल्क) को कम करना है।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस दौरे के दौरान विदेश मंत्री यूरोपीय संघ के नेताओं और बेल्जियम तथा यूरोपीय संघ के दूसरे सदस्य देशों के अपने समकक्षों के साथ भी बैठकें करेंगे। विदेश मंत्री का यह दौरा ऐतिहासिक 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के ठीक बाद हो रहा है और इससे यूरोपीय संघ के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी के और भी गहरे होने की उम्मीद है।

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