लखनऊ , अप्रैल 7 -- उत्तर प्रदेश के अधिसंख्य इलाकों में तेज रफ्तार हवाओं के बीच बारिश और ओलावृष्टि ने किसानो की नींद हराम कर दी है। मौसम विभाग ने नौ अप्रैल तक आंधी बारिश की संभावना जताते हुये ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

बीते शनिवार और रविवार को आंधी,बारिश और ओलावृष्टि ने कानपुर,उन्नाव,जालौन,औरैया समेत कई स्थानो पर जमकर कहर बरपाया था। मौसम की मार से खेत खलिहान में पड़ी फसल को व्यापक नुकसान हुआ था। सोमवार को धूप खिलने से किसान अपनी बची खुची फसल को सुरक्षित करने का प्रयास कर रहे थे कि आज यानी मंगलवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड में बारिश ने एक बार फिर प्रकोप दिखाया। हालांकि मौसम विभाग ने कल ही मौसम के बिगड़े मिजाज की भविष्यवाणी कर किसानो काे सावधान कर दिया था।

मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार प्रदेश में सात से नौ अप्रैल के दौरान तेज आंधी, गरज-चमक, ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश की संभावना जताते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और विभिन्न चक्रवाती परिसंचरणों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में मौसम में बदलाव आएगा। 7 अप्रैल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वर्षा का दौर शुरू होकर 9 अप्रैल तक पूर्वी हिस्सों की ओर बढ़ने की संभावना है।

इस दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में अगले 48 घंटों में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिसके बाद फिर से तापमान में वृद्धि होने की संभावना है। आईएमडी के अनुसार कई स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो झोंकों में 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं। कुछ जिलों में ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।

फतेहपुर सहित कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना अधिक बताई गई है, जबकि 8 अप्रैल को प्रदेश के अनेक हिस्सों में मौसम का प्रभाव और अधिक व्यापक रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों में रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा बिजली के उपकरणों को सुरक्षित रखने की सलाह दी है। साथ ही किसानों को कटी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने और खेतों में जलभराव से बचाव के उपाय करने को कहा गया है।

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