चंडीगढ़ , दिसंबर 30 -- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा है कि साहिबजादों के महान बलिदानों का मानवता के इतिहास में एक अद्वितीय स्थान है।

श्री मान ने मंगलवार को विधानसभा के 11 वें (विशेष) सत्र के दौरान चर्चा में शामिल होते हुए कहा, " साहिबजादों को हालांकि बहुत कम उम्र में शहीद कर दिया गया था, लेकिन उनका सर्वोच्च बलिदान आज भी हमें अन्याय या अत्याचारी शासकों के अत्याचार के आगे न झुकने के लिए प्रेरित करता है। "उन्होंने कहा कि उनका बलिदान हमारी आने वाली पीढ़ियों को अत्याचार, उत्पीड़न और अन्याय के खिलाफ दृढ़ रहने के लिए हमेशा प्रेरित करेंगे।

मुख्यमंत्री ने बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझार सिंह, बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह को श्रद्धांजलि दी, और माता गुजरी जी, बाबा जीवन सिंह जी,बाबा संगत सिंह और दीवान टोडर मल को भी याद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिद्धांतों पर खड़ा रहना किसी भी व्यक्ति की सबसे कठिन परीक्षा होती है, और कहा कि मूल्यों और विचारधाराओं पर चलना कांटों पर चलने से कहीं ज़्यादा मुश्किल है। उन्होंने कहा, " साहिबजादों ने सच्चाई का रास्ता चुना और इतिहास में एक मिसाल कायम की, हमें यह संदेश दिया कि मुश्किल हालात में भी इन आदर्शों को बनाये रखें, ताकि इंसान की आज़ादी बनी रहे। छोटे साहिबजादों और माता गुजरी को पोह के ठंडे महीने में 'ठंडा बुर्ज' में कैद किया गया था, लेकिन तब भी वे अपने माता-पिता और दादा-दादी के सिखाये गये सिद्धांतों पर कायम रहे, जो पूरी दुनिया के इतिहास में बेमिसाल है। "मुख्यमंत्री ने शहीदी सभा के दौरान दुनिया भर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए किये गये इंतज़ामों के बारे में बताया कि स्वास्थ्य सुविधाओं, ट्रांसपोर्ट, साफ-सफाई और सुरक्षा के लिए बड़े पैमाने पर इंतज़ाम किये गये थे, ताकि किसी भी श्रद्धालु को कोई दिक्कत न हो।

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