दीमापुर , मई 02 -- नगा स्टूडेंट्स फेडरेशन (एनएसएफ) के इनर लाइन रेगुलेशन कमीशन (आईएलआरसी) ने शनिवार को नगा क्षेत्रों में सभी बेनामी व्यापार प्रथाओं को तत्काल बंद करने की कड़ी मांग की है। इसमें स्थानीय व्यक्ति का नाम किराये पर लेना जैसे सभी तरह के कारोबार शामिल हैं।

संगठन ने चेतावनी दी है कि इस निर्देश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था के नाम को 'नगा अधिकारों' और 'वैध आर्थिक व्यवस्था' की रक्षा के लिए सार्वजनिक किया जायेगा।

एक बयान में आईएलआरसी ने नगा क्षेत्रों के भीतर बेनामी व्यापार प्रथाओं के लगातार बढ़ने पर गंभीर चिंता व्यक्त की। इसे आमतौर पर स्थानीय व्यक्ति को आगे करना, छद्म स्वामित्व या 'नॉमिनी अरेंजमेंट' के रूप में जाना जाता है।

आयोग ने कहा कि इन प्रथाओं के जरिये गैर-स्थानीय लोग स्थापित नियमों से बचने के लिए स्थानीय नगा नागरिकों के नाम पर व्यावसायिक प्रतिष्ठान चलाते हैं। यह उन कानूनी और पारंपरिक सुरक्षा उपायों का सीधा उल्लंघन है, जो नगा भूमि, व्यापार और आर्थिक अधिकारों की रक्षा करते हैं।

आईएलआरसी ने दोहराया कि इस तरह की गतिविधियां न केवल इनर लाइन रेगुलेशन और व्यापार लाइसेंसिंग मानदंडों सहित वैधानिक ढांचे को कमजोर करती हैं, बल्कि नगा लोगों की सामूहिक सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा को भी नुकसान पहुंचाती हैं।

संगठन ने कहा कि एनएसएफ 1990 के दशक से ही बेनामी व्यवसायों के खतरे का लगातार विरोध कर रहा है और इसके खिलाफ सक्रिय रूप से अभियान चला रहा है।

आईएलआरसी ने देखा कि दशकों से दी जा रही बार-बार की चेतावनियों, ज्ञापनों और जन जागरूकता प्रयासों के बावजूद, ऐसी अवैध व्यवस्थाओं का बने रहना और कुछ क्षेत्रों में इनका विस्तार होना, कानून और सामुदायिक भावना दोनों के प्रति घोर उपेक्षा को दर्शाता है।

बयान में कहा गया, "इस निरंतर अवज्ञा के कारण अब अधिक सख्त और प्रत्यक्ष कार्रवाई करना आवश्यक हो गया है।"आईएलआरसी ने वर्तमान में किसी भी प्रकार की बेनामी व्यापारिक प्रथाओं में लगे सभी गैर-नगा व्यक्तियों से इसे तुरंत बंद करने को कहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि कानूनी खामियों का फायदा उठाने या व्यावसायिक लाभ के लिए नगा नागरिकों के नाम और पहचान का दुरुपयोग करने के प्रयासों को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

संगठन ने उन स्थानीय नगा व्यक्तियों को भी चेतावनी दी है, जो जानबूझकर ऐसी व्यवस्थाओं को बढ़ावा देते हैं। अपने सख्त प्रवर्तन दृष्टिकोण के हिस्से के रूप में, आईएलआरसी ने कहा कि वह अपने संगठनात्मक तंत्र के माध्यम से और जहां आवश्यक हो, संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर विभिन्न वाणिज्यिक क्षेत्रों में औचक निरीक्षण और मौके पर जांच शुरू करेगा, ताकि बेनामी कार्यों की पहचान कर उन्हें उजागर किया जा सके।

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