बलरामपुर-रामानुजगंज , फरवरी 23 -- छत्तीसगढ़ में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ थाना क्षेत्र में एक बेटे के अपने पिता की हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
पुलिस से मिली आज मिली जानकारी के अनुसार थाना शंकरगढ में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, 22 फरवरी को प्रार्थी सकुल राम चेरवा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 21 फरवरी की रात करीब आठ बजे उसका चचेरा भाई बीरकुंवर चेरवा उसके घर आया और उस पर अपनी पत्नी को छिपाने का आरोप लगाया। जब सकुल राम ने ऐसा होने से इनकार किया तो बीरकुंवर ने धमकी भरे लहजे में कहा कि उसने अपने पिता को मार डाला है।
प्रार्थी ने बताया कि इसके बाद वह बीरकुंवर के घर गया, जहां उसके पिता हवल चेरवा खून से लथपथ अवस्था में ढाबा (बरामदे) में पड़े हुए थे। उनके सिर, दाहिने कान और दाहिने घुटने के पास गंभीर चोटें थीं। सकुल राम ने तुरंत उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शंकरगढ पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के संबंध में पूछताछ में आरोपी बीरकुंवर की पत्नी गोपी ने बताया कि बीरकुंवर उसके चरित्र पर शक करता था। 21 फरवरी की शाम को इसी संदेह में उसने अपनी पत्नी के साथ मारपीट की, जिससे क्षुब्ध होकर गोपी अपने बच्चे को लेकर घर छोड़कर बस्ती की ओर चली गई। इसके बाद रात करीब 7:45 बजे जब बीरकुंवर घर लौटा और पत्नी को नहीं पाया, तो उसने अपने पिता हवल चेरवा से झगड़ा शुरू कर दिया।
आरोप है कि पिता को ही पत्नी को छिपाने का शक होने पर बीरकुंवर ने उन पर लकड़ी के गेड़े से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौत हो गई।
प्रार्थी की रिपार्ट पर थाना शंकरगढ में धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। पुलिस ने आरोपी बीरकुंवर चेरवा (30) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस को आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
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