पटना , फरवरी 02 -- बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उपमुख्यमंत्री श्री चौधरी ने सोमवार को पटना वीमेंस कॉलेज में आयोजित वार्षिकोत्सव को संबोधित करते हुये कहा कि बिहार अपने गौरवशाली इतिहास को फिर से प्राप्त करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि कभी बिहार में स्थित नालंदा और विक्रमशिला जैसी विश्वविख्यात शिक्षण संस्थाओं ने पूरी दुनिया को ज्ञान की राह दिखाई थी। आज उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य पटना वीमेंस कॉलेज जैसी संस्थाएं कर रही हैं।

श्री चौधरी ने कहा कि पटना वीमेंस कॉलेज बिहार में शिक्षा की अलख जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस कॉलेज में हजारों छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं और यहां से निकलकर बिहार की बेटियां न केवल राज्य, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन कर रही हैं।उन्होंने कहा कि बिहार ज्ञान और ध्यान की भूमि रही है। उन्होंने कहा कि भगवान गौतम बुद्ध को इसी धरती पर ज्ञान की प्राप्ति हुई और देश-विदेश से लोग यहां ज्ञान प्राप्ति के लिए आते रहे हैं। वर्ष 1940 से पटना वीमेंस कॉलेज जैसी संस्थाएं इस गौरवशाली शैक्षणिक परंपरा को निरंतर आगे बढ़ा रही हैं।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। गांव-गांव प्राथमिक और मध्य विद्यालय, प्रत्येक पंचायत में हाई स्कूल स्थापित करने के बाद अब सरकार ने हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज निर्माण करा रही है। इसका उद्देश्य यह है कि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं, विशेषकर बेटियों को अपने ही इलाके में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा मिल सके और उन्हें पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़े।

श्री चौधरी ने कहा कि पहले पंचायत स्तर पर माध्यमिक विद्यालयों को सशक्त किया गया, फिर हाई स्कूल बनाए गए और अब बिहार के सभी 533 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज स्थापित किए जाएंगे, जिससे उच्च शिक्षा गांवों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि एक समय था जब मैट्रिक पास करना ही बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी, फिर इंटर और स्नातक शिक्षा का सपना देखा जाने लगा। आज सरकार का लक्ष्य है कि बिहार की बेटियां शिक्षित, कुशल और आत्मनिर्भर बनें। इसके लिए प्रखंड स्तर पर डिग्री कॉलेज के साथ-साथ कौशल विकास विश्वविद्यालय के माध्यम से उन्हें प्रशिक्षित बनाया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बेटियों को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए दो लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता भी प्रदान कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से बिहार की बेटियां नए बिहार के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएंगी।

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