चंडीगढ़ , अप्रैल 28 -- केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) कानून 2026 को लेकर सिख संगठनों ने इसे ऐतिहासिक और सख्त कदम बताया है।
भाई बलदेव सिंह वडाला ने कहा कि यह कानून बेअदबी करने वालों में दहशत पैदा करने वाला है और इसका विरोध करने वालों को भी सोचने पर मजबूर कर रहा है। वह चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान भाई परमजीत सिंह ने जानकारी दी कि 13 अप्रैल को पारित इस संशोधित कानून के तहत बेअदबी के दोषियों को 10 से 20 वर्ष तक की सजा और 25 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून की सख्त धाराएं केवल दोषियों पर ही लागू होंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई आरोपी मानसिक रूप से अस्वस्थ पाया जाता है, तो उसके कस्टोडियन (संरक्षक) को भी समान सजा दी जा सकती है, बशर्ते उसकी संलिप्तता सिद्ध हो जाये। यह कस्टोडियन परिवार का सदस्य या कोई अन्य व्यक्ति हो सकता है।
कार्यक्रम में इस कानून के मसौदे के लिए परमजीत सिंह को सम्मानित किया गया, जबकि अन्य सहयोगियों को भी सम्मान दिया गया। उपस्थित नेताओं ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से अपील की कि वह कानून का विरोध करने के बजाय सहयोग करे, अन्यथा यह गुरु विरोधी रुख माना जाएगा।
वक्ताओं ने पंजाब सरकार के इस कदम को ऐतिहासिक बताते हुए इसे देश और विश्व स्तर पर लागू करने की मांग की। उन्होंने सिख समुदाय से भी आह्वान किया कि इस कानून को व्यापक समर्थन दें और इसे लागू करवाने में सहयोग करें।
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