पटना , दिसंबर 11 -- बिहार के वैशाली जिले में भगवान बुद्ध के स्मृति अवशेष को सुरक्षित रखने एवं बौद्ध धर्मावलंबियों के दर्शन के लिये भवन निर्माण विभाग की ओर से नवनिर्मित बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय एवं स्मृति स्तूप को देखने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं।
म्यांमार, वियतनाम, सिंगापुर, अल्जीरिया, मलेशिया, कोरिया, थाइलैंड, अल्बानिया, नेपाल एवं अफगानिस्तान सहित कई अन्य देशों से पर्यटक इस भव्य स्तूप एवं पवित्र अवशेष का दर्शन करने आ रहे हैं। पर्यटकों के लिए यह आकर्षण का केंद्र बन गया है।
बिहार कला एवं संस्कृति विभाग ने जानकारी दी है कि बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय के दर्शन के लिये अब तक तीन लाख 57 हजार से अधिक पर्यटक आ चुके हैं, जिनमें छात्र ग्रुप में आए पर्यटक एवं बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हैं।
गौरतलब है कि इसी साल 29 जुलाई को स्मृति स्तूप का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। 72 एकड़ के भूखण्ड पर बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय एवं स्मृति स्तूप का निर्माण किया गया है। स्मृति स्तूप पूरी तरह पत्थरों से निर्मित है और स्तूप में 42,373 बलुआ पत्थर लगाए गए हैं।
भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने बताया कि पर्यटकों में स्तूप की भव्यता आकर्षण का केंद्र बन गया है। बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आ रहे हैं। संग्रहालय परिसर को और सुन्दर बनाया जा रहा है जिससे बाहरी हिस्सा भी पहले से सुन्दर और आकर्षण दिखे। उन्होंने बताया कि आठ ऑस्पीशियस सिंबल, तारा मुद्रा प्रदर्श, लिच्छवि प्रदर्श का अधिष्ठापन हुआ है। स्कल्पचर का कार्य, अशोकन पीलर प्रदर्श सहित अन्य कार्यों को तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। संग्रहालय में भी प्रदर्श कार्य तेजी से प्रगति पर है। भूकंप-रोधक क्षमता को ध्यान में रखते हुए स्मृति स्तूप को भूकंपरोधी बनाने में कई मॉडर्न तकनीकों का उपयोग किया गया है। स्तूप की मूलभूत संरचना हजारों वर्षों तक सुरक्षित रहेंगी।
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