, Dec. 16 -- समाजवादी पार्टी के उत्कर्ष वर्मा ने कहा कि एलआईसी ने हमेशा गरीब वर्ग की सेवा की है और आम नागरिकों की खून पसीने की कमाई से बनी यह कंपनी इस विधेयक के पारित होने के बाद विदेशी काॅरपोरेट घरानों के हवाले हो जाएगी। उनका कहना था कि उनके राज्य उत्तर प्रदेश के बहुत कम लोग बीमा के दायरे में हैं। गरीब जब बीमार होते हैं तो उनको अपनी गाय, भैंस और यहां तक घर भी बेचना पड़ता था। इसके बावजूद काफी संख्या में ग्रामीण बीमा के दायरे में थी लेकिन अब इस विधेयक के पारित होने से सब कुछ विदेशी हाथों में चला जाएगा और गरीब को एलआईसी से जो सुविधा मिल रही थी वह अब खत्म हो जाएगी।
उनका कहना था कि नया विधेयक पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों के लिए खतरनाक साबित होने वाला है क्योंकि विदेशी कंपनियां सामान्य लोगों को सुविधा नहीं देगी और आम नागरिक को विधेयक की नीति का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह विधेयक चौधरी चरण सिंह और कांशीराम के विचारों के साथ ही आम नागरिकों तथा गरीबों की हत्या है। इस विधेयक के जरिए बीमा क्षेत्र में सौ फीसदी निवेश की व्यवस्था कर दी गयी है और यह देश के नागरिकों के लिए खतरनाक है।
तृणमूल कांग्रेस की शताब्दी राय ने कहा कि बीमा क्षेत्र में सौ फीसदी निवेश की व्यवस्था कर सरकार गरीबों का अहित कर उनके साथ गंभीर अन्याय कर रही है। उनका कहना था कि सरकार को समझना चाहिए कि विदेशी कंपनियों में कोई जादू की छड़ी नहीं है कि वे बीमा क्षेत्र में वह सब कर पाएंगे जो हमारी कंपनी अब तक करती रही है। आयुष्मान योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हाल में आई एक रिपोर्ट के अनुसार इसका बड़े स्तर पर नुकसान भी हुआ है। सरकार कहती है कि विदेशी कंपनियों के पास तकनीकी है और उनके आने से इस क्षेत्र में ज्यादा विकास होगा। उनका कहना था कि विदेश में बहुत सारी योजनाएं हैं तो क्या सब कुछ विदेशियों को ही सौंप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार देश के गरीबों के लिए होती है तथा सरकार को गरीबों के हित के लिए काम करना चाहिए ताकि इससे देश का विकास सुनिश्चित किया जा सके।
तेलुगु देशम पार्टी के जी एम हरीश बालयोगी ने कहा कि इस विधेयक में देश के ग्रामीण क्षेत्रों को बड़े स्तर पर शामिल किया जाना चाहिए। विधेयक के जरिए ऐसी कंपनियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए जो देश के ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को इसमें जोड़ने के लिए काम करे। विधेयक का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि सौ प्रतिशत विदेशी निवेश की अनुमति से बीमा क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और विभिन्न क्षेत्रों में बीमा कंपनियां काम करना शुरु कर सकेंगी और बीमा क्षेत्र में प्रतिस्पर्धिता आएगी और इसका लाभ जनता को मिलेगा।
उनका कहना था कि उनके राज्य आंध्र प्रदेश में हर साल आपदा आती है और जिन क्षेत्रों में यह संकट आता है वहां के लिए नयी तकनीकी का इस्तेमाल कर लोगों को सुरक्षा देने के साथ ही सब प्रवासी श्रमिकों तथा उनके परिजनों के लिए बीमा की सुविधा होनी चाहिए। सरकार को आधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल करते हुए लोगों के साथ होने वाले फ्रॉड को रोकने के सख्त कदम उठाने चाहिए।
शिव सेना यूबीटी के राजाभाऊ पराग प्रकाश वाजे ने कहा कि बीमा कमाई का धंधा नहीं है बल्कि संकट के समय लोगों की सेवा का आधार है। उनका कहना था कि इस विधेयक के पारित होने देश के बीमा क्षेत्र में विदेशियों का कब्जा हो जाएगा इसलिए सरकार को विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति को सौंपना चाहिए ताकि इसमें इस विधेयक के नाम के अनुसार सबके लिए सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
कांग्रेस के जी कुमार नाइक ने कहा कि विदेशी निवेश अब तक 74 प्रतिशत काॅरपोरेट को दिया जा रहा है और कहा जा रहा है कि नागरिकों को बीमा का सुरक्षा का लाभ नहीं मिल रहा है। बीमार होने पर लोग अपने घर तथा पशुओं को बेच रहे हैं। आयुष्मान योजना से लोगों को लाभ मिल रहा है और इसका ज्यादा लाभ जनता को मिलना चाहिए लेकिन डाक्टर इसका ज्यादा लाभ उठा रहे हैं।
शिवसेना के रवींद्र दत्तराम वायकर ने कहा कि पहले बीमा से डरते थे कि बीमा की रकम मिलेगी या नहीं लेकिन अब इसमें पारदर्शिता आई है और लोगों का बीमा पर भरोसा ज्यादा बढ़ रहा है। यह विधेयक इसी भरोसे को और मजबूत बनाने के लिए लाया गया है और आंकड़े बताते हैं कि दुनिया में भारत अभी 10वें नम्बर पर है और इसमें अधिक सुधार आने की जरूरत है। आम नागरिक समझने लगा है कि बीमा बेकार नहीं बल्कि जीवन के लिए आवश्यक है और इस विधेयक से देश की जनता को ज्यादा निवेश यानी सस्ती पॉलिसी मिलेगी इसलिए बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश को बढ़ाकर 100 प्रतिशत किया जा रहा है। बड़ी कंपनियां जब बाजार में आएंगी तो देश के नागरिकों को इसका फायदा ही होगा और देश भर में लोग बीमा कराने के लिए प्रेरित होंगे।
भाजपा की कमलजीत सहरावत ने कहा कि मोदी सरकार ने कम प्रीमियम पर जीवन बीमा योजना लागू की और मात्र 20 रुपए के प्रीमियम पर दो लाख का बीमा किया गया है। इसी तरह से आयुष्मान भारत योजना के तहत 30 हजार अस्पताल पंजीकृत हैं और इसका लाभ गरीब उठा रहे हैं। सरकार पर जल्दबाजी में विधेयक लाने के आरोप को गलत बताते हुए उन्होंने कहा कि हर विधेयक को बहुत बारीकी से तथा सभी पहलुओं पर विचार कर ही सरकार लाती है और उसी तरह से यह विधेयक भी लाया गया है जो 2047 के विकसित भारत की कल्पना को साकार करने वाला है।
द्रमुक के डीएम कथिर आनंद ने कहा कि इस विधेयक से किसी को फायदा होने वाला नहीं है क्योंकि एलआईसी सामान्य कंपनी नहीं है बल्कि देश के हर नागरिक की कंपनी है और उनको लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रही है। उनका कहना था कि इस विधेयक को लाकर सरकार लोकतंत्र को बाईपास कर रही है और विदेशी निवेशकों के लिए देश के नागरिकों के नुकसान की कीमत पर लाभ का बाजार खोल रही है। उन्होंने विधेयक को जनविरोधी बताया और सरकार से इसे वापस लेकर संसद की संयुक्त समिति को भेजने का सरकार से आग्रह किया।
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