नयी दिल्ली , मार्च 17 -- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को संसद में कहा कि बीमा कंपनियों के खिलाफ शिकायत मिलने पर उनके खिलाफ नियामक द्वारा कार्रवाई की जाती है।

श्रीमती सीतारमण ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 में रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी पर अनुचित कारोबार के लिए दो करोड़ रुपये का दंड लगाया गया था। वित्त वर्ष 2024-25 में बजाज फाइनेंस और एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस पर दो-दो करोड़ रुपये के जुर्माने लगाये गये थे। एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस और रॉयल सुंदरम् जेनरल इंश्योरेंस पर एक-एक करोड़ रुपये के जुर्माने लगे हैं।

मंत्री ने कहा कि बिना सहमति के बीमा करने, गलत प्रीमियम बांधने, मैच्योरिटी दावा के निपटान में देरी, ब्याज का भुगतान न करने आदि के लिए भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा-आई) ने बीमा कंपनियों पर ये जुर्माने लगाये हैं।

उन्होंने बताया कि यदि कोई बीमा कंपनी कुछ भी गलत करती हैं तो नियामक कार्रवाई करता है। उन्होंने कहा, "इस तरह के सभी अपराधों पर ध्यान दिया जाता है, उनकी जांच की जाती है और उसके बाद दंड लगाया जाता है। गलत काम की सजा जरूर मिलती है।

मंत्री ने कहा कि देश में इस बीमा कवरेज और बीमा की राशि दोनों कम है। देश में औसत बीमा प्रीमियम 97 डॉलर प्रति व्यक्ति है जबकि वैश्विक औसत 943 डॉलर का है। सरकार स्थिति में सुधार के लिए काफी कमा कर रही है जिसमें स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर जीएसटी शून्य कर दिया गया है।

उन्होंने सदन को बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में देश में 58 करोड़ लोगों को 1,17,505 करोड़ का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध था। इसमें सार्वजनिक कंपनियों ने 42,420 करोड़ रुपये का और निजी क्षेत्र ने 37,752 करोड़ रुपये का बीमा कवरेज दिया था। वहीं, एकल स्वास्थ्य बीमा कंपनियों ने 37,331 करोड़ रुपये का कवरेज दिया था।

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