बीजापुर , अक्टूबर 30 -- छत्तीसगढ़ पुलिस ने बीजापुर जिले के थाना उसूर और ईलमिड़ी क्षेत्र में दो अलग-अलग कार्रवाईयों में सात माओवादियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी पुलिस मुखबिरी के संदेह में ग्रामीणों की हत्या में शामिल होने के आरोप में वांछित थे।
थाना उसूर क्षेत्र में एक अक्टूबर को पुजारीकांकेर निवासी भीमा मड़कम की माओवादियों द्वारा टंगिया और चाकू से हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद थाना उसूर, केरिपु 196, 229 और कोबरा 205 की संयुक्त टीम ने विस्तृत जांच शुरू की। कार्यवाही के दौरान घटना में शामिल पांच माओवादियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में रेंगा पिड़गा उर्फ गुंडम (नेलाकांकेर संघम सदस्य), हड़मा काका (नेलाकांकेर संघम सदस्य), शंकर एसम उर्फ गोलेम (नेलाकांकेर भूमकाल मिलिशिया डिप्टी कमांडर), मड़कम बुधरा (गुंजेपर्ती संघम सदस्य) और सोढ़ी अंदा (गुंजेपर्ती संघम सदस्य) शामिल हैं। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार भी बरामद किए हैं।
वहीं थाना ईलमिड़ी क्षेत्र में माओवादियों द्वारा मुजालकांकेर निवासी सत्यम पूनेम की पुलिस मुखबिरी के संदेह में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में थाना ईलमिड़ी और छसबल 9वीं वाहिनी की संयुक्त टीम ने कार्यवाही करते हुए दो माओवादियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में महेन्द्र मिच्चा (मिलिशिया सदस्य) और लक्ष्मण कुरसम (मिलिशिया सदस्य) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित थानों में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की गई है और उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
यह कार्रवाई बीजापुर जिले में माओवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने की पुलिस की निरंतर कोशिशों का हिस्सा है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और अन्य संबंधित लोगों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों से सहयोग की अपील करते हुए पुलिस ने कहा है कि वह क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित