बीजापुर , दिसंबर 21 -- छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में वन विभाग द्वारा की जा रही पेड़ों की कटाई को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर मतभेद सामने आए हैं। एक ओर विधायक विक्रम मंडावी ने ग्राम सभा की अनदेखी का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी ओर जिला वन अधिकारी (डीएफओ) ने इसे नियमानुसार और वन संरक्षण की दृष्टि से आवश्यक बताया है। दोनों पक्षों के बयानों के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।

विधायक विक्रम मंडावी ने रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि बीजापुर अनुसूचित क्षेत्र है, जहां संविधान की पांचवीं अनुसूची और पेसा कानून लागू है। उनके अनुसार, ग्राम सभा और ग्रामीणों की सहमति के बिना मशीनों से बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की जा रही है, जो संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन है। उन्होंने ग्रामीणों के हवाले से दावा किया कि पेद्दाकोडेपाल और कांवड़गांव में हजारों पेड़ काटे जा चुके हैं। साथ ही आरोप लगाया कि विरोध करने वाले ग्रामीणों को जेल भेजने की धमकी दी जा रही है, जिससे आदिवासी समुदाय में भय और असंतोष का माहौल बन रहा है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित