बीजापुर , जनवरी 24 -- छत्तीसगढ़ में बीजापुर जिले के नक्सल प्रभावित दुर्गम क्षेत्र में सुरक्षा और विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। थाना फरसेगढ़ के अंतर्गत आने वाले ग्राम सागमेटा में शनिवार को एक नवीन सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैंप की स्थापना की गई।
एसपी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, इस कैंप की स्थापना डीआरजी, एसटीएफ, जिला बल और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की संयुक्त टीमों द्वारा की गई। प्राकृतिक चुनौतियों और ठंड के बावजूद सुरक्षाबलों के उच्च मनोबल से यह कार्य संपन्न हुआ। यह कैंप वर्ष 2024 के बाद से जिले में स्थापित होने वाला 31वां नया सुरक्षा कैंप है।
इस कैंप की स्थापना से भोपालपटनम् से फरसेगढ़, सेण्ड्रा और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली को जोड़ने वाले अंतर्राज्यीय संपर्क मार्ग को मजबूती मिलेगी। साथ ही, आसपास के सुदूर ग्रामों को बेहतर सड़क और अन्य आधारभूत संरचनाओं से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त होगा।
नए कैंप का उद्देश्य न केवल माओवादियों की अंतर्राज्यीय गतिविधियों पर अंकुश लगाना है, बल्कि स्थानीय नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पेयजल, पीडीएस और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है। इससे क्षेत्र में शांति और विकास का वातावरण बनेगा।
जिले में नक्सल उन्मूलन के लिए चलाए जा रहे अभियानों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। अब तक 876 माओवादी पुनर्वास की मुख्यधारा में शामिल हुए हैं, 229 मुठभेड़ों में मारे गए हैं और 1126 को गिरफ्तार किया गया है।
इस कैंप की स्थापना बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी. के मार्गदर्शन और बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के नेतृत्व में हुई। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑप्स) अमन कुमार झा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज तिर्की, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी फरसेगढ़ अमन लखीसरानी और उप पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ चौहान भी मौजूद थे।
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