भरतपुर , नवम्बर 20 -- राजस्थान में करौली जिले में मतदाता सत्यापन के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य के दौरान बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) पर बढ़ते कार्य दबाव और हाल ही में दो बीएलओ की मौत के आक्रोशित कार्मिकों ने गुरुवार को राजस्थान शिक्षक संघ (अम्बेडकर) के बैनर तले अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर बीएलओ की सुरक्षा, मानसिक राहत और कार्य परिस्थितियों में सुधार की मांग की है। शिक्षक संघ के सू्त्रों ने बताया कि ज्ञापन में कहा गया है कि लगातार बिना अवकाश के दबाव में काम करने से बीएलओ मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं। ऐसे ही तनावपूर्ण माहौल में जयपुर के बीएलओ मुकेश कुमार जांगिड़ ने आत्महत्या कर ली, जबकि सवाई माधोपुर के बाहरावड़ा खुर्द में बीएलओ हरिओम बैरवा की ह्रदयाघात से मौत हो गई। संघ ने दोनों मामलों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

ज्ञापन में वर्तमान कार्यप्रणाली को अव्यावहारिक बताते हुए कहा गया है कि बीएलओ पर अनियंत्रित दबाव डालकर कार्य कराया जाता है। संघ ने मृतक बीएलओ के परिजनों को 50 लाख से एक करोड़ रुपये तक की आर्थिक सहायता देने और शिक्षा विभाग के अतिरिक्त अन्य विभागों के कर्मचारियों को भी एसआईआर कार्य में लगाने की मांग की है, ताकि बीएलओ का कार्यभार कम हो सके।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित