वाराणसी , अप्रैल 15 -- चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आईएमएस, बीएचयू) के ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों द्वारा स्पाइनल कॉर्ड ट्यूमर से पीड़ित महिला की जांघ का ऑपरेशन कर देने का गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। अब मामला सुर्खियों में आया है।

आरोप है कि राधिका देवी (71) स्पाइनल कॉर्ड ट्यूमर से पीड़ित थीं, लेकिन उनके जांघ का ऑपरेशन कर दिया गया। जानकारी के अनुसार ट्रॉमा सेंटर में राधिका देवी नाम की दो महिलाएं भर्ती थीं। एक को स्पाइन में समस्या थी, जबकि दूसरे को पैर में फ्रैक्चर था।

पीड़ित महिला के पोते मृत्युंजय पाल ने गलत सर्जरी को लेकर संस्थान के प्रशासनिक अधिकारियों और कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी से शिकायत की थी। इस पर आईएमएस निदेशक प्रो. एस. एन. शंखवार ने दो अप्रैल को चार सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन कर दिया था। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बताया जा रहा है कि सात मार्च को फ्रैक्चर वाले मरीज का ऑपरेशन करने के लिए स्पाइन ट्यूमर से पीड़ित महिला को ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। ऑपरेशन के दौरान जब डॉक्टरों को मरीज के पैर में फ्रैक्चर नहीं मिला, तो उन्हें शक हुआ। इसके बाद टांके लगाकर मरीज को बाहर भेज दिया गया। बाद में 18 मार्च को महिला का स्पाइन ट्यूमर का ऑपरेशन भी किया गया। 27 मार्च को महिला की मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार न्यूरोसर्जरी विभाग में भर्ती राधिका देवी की उम्र 71 वर्ष बताई गई, जबकि आर्थोपेडिक्स विभाग में भर्ती राधिका देवी की उम्र 82 वर्ष बताई गई। अब तक की जांच रिपोर्ट में गलत सर्जरी का जिक्र किया गया है।

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