हैदराबाद , मार्च 30 -- भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के विधायकों और एमएलसी के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला से मुलाकात की और मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी से जुड़े कथित अवैध खनन और भूमि हड़पने के मामलों की जांच की मांग करते हुए एक औपचारिक शिकायत सौंपी।

प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन में राज्यपाल से लगभग एक घंटे तक मुलाकात की और मंत्री से जुड़े अवैध खनन कार्यों और अवैध भूमि अतिक्रमणों सहित बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए दस्तावेज प्रस्तुत किए।

बीआरएस नेताओं ने मंत्री को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश की देखरेख में स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री से जुड़ी एक कंपनी ने नियमों का उल्लंघन करते हुए खनन गतिविधियां चलाईं, जिनमें जलाशय जलग्रहण क्षेत्र जैसे प्रतिबंधित क्षेत्र भी शामिल हैं। यह खनन गतिविधियां प्रदूषण संबंधी स्वीकृतियां, लाइसेंस और अन्य वैधानिक अनुमतियां प्राप्त किए बिना की गईं, जिसके कारण सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आरोप लगाया कि जब यह मुद्दा विधानसभा में उठाया गया, तो सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार ने मामले को सुलझाने के बजाय बीआरएस विधायकों को निलंबित और निष्कासित कर दिया। सरकार ने संबंधित फर्म को नोटिस जारी करके अनियमितताओं को स्वीकार किया है।

बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने आरोपों की विधायी समिति जांच या स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की। उन्होंने राज्य एजेंसियों पर अविश्वास व्यक्त किया और कहा कि मंत्री के पद पर बने रहने के दौरान निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं की जा सकती। उन्होंने राज्यपाल से हस्तक्षेप करने और उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश या केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से निष्पक्ष जांच का निर्देश देने का आग्रह किया।

सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जाएगी।

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