, March 30 -- मुख्य सचिव श्री अमृत ने इस बात पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की कि राज्य के 14 जिलों में पीएनजी कार्य की प्रगति शून्य है। उन्होंने इन जिलों के जिलाधिकारियों और एसपी को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर तत्काल कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। पीएनजी कनेक्शन लगाने के लिये पूरे बिहार को 14 भौगोलिक क्षेत्रों में बांटा गया है।

मुख्य सचिव ने संबंधित एजेंसियों को मानव संसाधन, मशीनरी और ठेकेदारों की पर्याप्त संख्या का आकलन कर उनकी अविलंब उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में आ रहे बैकलॉग की गहन समीक्षा की गई। पश्चिम चंपारण, भोजपुर, गया, दरभंगा, नालंदा, रोहतास, मुजफ्फरपुर, सारण, वैशाली, बेगूसराय, भागलपुर, पूर्वी चंपारण, जहानाबाद और जमुई जिलों में अधिक बैकलॉग पाए जाने पर मुख्य सचिव ने वहां के जिलाधिकारियों और एसपी को इसे अविलंब कम करने के सख्त निर्देश दिए गये हैं। सभी पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया गया है कि वे समय-समय पर पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण करें, जिससे डीजल और पेट्रोल की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने संबंधित तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों से लगातार जिलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने का निर्देश दिया । उन्होंने कहा 'दीदी की रसोई' एवं सभी सरकारी छात्रावासों में एलपीजी की आपूर्ति किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए।

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