, March 30 -- श्री अमृत बैठक में श्रम संसाधन विभाग को निर्देश दिया कि वे तत्काल एक टोल-फ्री नंबर जारी करें। इस नंबर के माध्यम से मध्य पूर्व या देश के अन्य राज्यों से वापस आ रहे बिहारी श्रमिकों को सरकारी सहायता के बारे में जानकारी आसानी से प्रदान की जा सके। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों को भी अपने जिलों में आ रहे प्रवासी मजदूरों का सटीक डेटाबेस तैयार करने का निर्देश दिया गया है।

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को प्रतिदिन अपराह्न 3:00 बजे प्रेस वार्ता आयोजित करने पर विशेष ज़ोर दिया,जिससे जनता तक सटीक और प्रामाणिक जानकारी पहुंचाई जा सके और भय का माहौल न बने। सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक एवं फर्जी खबरों का समय पर खंडन किया जाए। जिलाधिकारी स्वयं नियंत्रण कक्ष का औचक निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि जनता की शिकायतों का त्वरित निवारण हो तथा लंबित शिकायतों की संख्या में निरंतर गिरावट आए।

मुख्य सचिव ने सभी जिलों के प्रभारी सचिवों और प्रमंडलीय आयुक्तों को निर्देश दिया है कि वे आगामी दो दिनों के भीतर अपने निर्धारित जिलों का स्थलीय निरीक्षण करें। इस भ्रमण के दौरान वे मुख्य रूप से एलपीजी गैस सिलेंडर के स्टॉक की उपलब्धता, बैकलॉग में आई कमी, प्रतिदिन आयोजित होने वाली प्रेस वार्ता, नियंत्रण कक्ष की कार्यप्रणाली और प्रवासी मजदूरों के आगमन की स्थिति का बारीकी से अनुश्रवण करेंगे।

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