, April 6 -- मुख्य सचिव ने नोडल विभाग को निर्देश किय कि वे तेल कंपनियों की प्रगति का निरंतर अनुगमन करें और प्रत्येक सोमवार को विस्तृत रिपोर्ट उनके समक्ष प्रस्तुत करें। साथ ही, सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और प्रभारी सचिवों को आदेश दिया गया है कि वे अपने आवंटित जिलों का नियमित भ्रमण करें और वहां तैनात ठेकेदारों तथा जनशक्ति की उपलब्धता की भौतिक जांच करें। बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव द्वारा एलपीजी सिलेंडर के बैकलॉग की स्थिति पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें विशेष रूप से अरवल, गया, कैमूर, रोहतास, सारण और पश्चिमी चंपारण जिलों में बैकलॉग की समस्या को रेखांकित किया गया। यह भी बताया गया कि जिलों में स्थापित कंट्रोल रूम शिकायतों का दैनिक आधार पर निपटारा कर रहे हैं और पिछले पांच दिनों में कुल 800 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। अब तक राज्य भर में जिलाधिकारियों द्वारा कुल 22,878 सघन निरीक्षण किए जा चुके हैं, जिसके परिणामस्वरूप कई सिलेंडर जब्त किए गए हैं और प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं।
तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने जानकारी साझा की कि अब लगभग 90 प्रतिशत सिलेंडरों की डिलीवरी केवल पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से ही की जा रही है और सुरक्षा की दृष्टि से वैकल्पिक मोबाइल नंबर के विकल्प को काफी हद तक समाप्त कर दिया गया है।
श्रम संसाधन विभाग ने मिडिल ईस्ट और अन्य राज्यों में फंसे बिहार के श्रमिकों की सहायता के लिये राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम संख्या - 0612-2520053 और व्हाट्सएप संख्या - 7368855002 जारी कर दिया गया है, नोडल पदाधिकारियों की नियुक्ति भी कर दी गई है। पीएनजी कार्यों में तेजी लाने के लिए पटना, लखीसराय और मुंगेर जैसे जिलों में पीएचईडी प्लंबरों और आईटीआई छात्रों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है।
होटलों और उद्योगों की साप्ताहिक आवश्यकता का वर्तमान में 70 प्रतिशत आपूर्ति पूरी हो पा रही है।
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