, Feb. 20 -- इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग की सचिव श्रीमती बन्दना प्रेयषी ने कहा कि राज्य में प्रथम बार दिव्यांगजन महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन की परिकल्पना इस बात पर आधारित है कि दिव्यांगजन किसी भी क्षेत्र में सामान्य नागरिक से कमतर नहीं है। उन्होंने कहा कि विगत वर्षो में देखा गया है कि दिव्यांगता प्रभावित व्यक्तियों ने शिक्षा, कला, खेल-कूद, प्रशासनिक क्षेत्र में अपनी क्षमताओं का राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन किया है, जो हम सभी के लिए प्रेरणादायक है।

श्रीमती प्रेयषी ने कहा कि दिव्यांगजन महोत्सव, 2026 के अवसर पर मौजूद शैलेश कुमार, अंतर्राट्रीय पैरा-एथलीट (हाई जंप); सुश्री गोल्डी कुमारी, अंतर्राट्रीय पैरा-एथलीट (शॉट पुट, डिस्कस थ्रो एवं जैवलिन थ्रो); श्री दिवाकर शर्मा (सा रे गा मा पा फेम) इस बात के साक्षी है दिव्यांगजन अपनी प्रतिभा, इच्छाशक्ति और साहस से चुनौतियों से पार पाने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग दिव्यांगजनों के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक स्वाबलंबन के लिए लागातार प्रयासरत है तथा इसी कड़ी में दिव्यांग कलाकारों को उनकी प्रतिभा और हुनर के प्रदर्शन के लिए मंच प्रदान करने के उद्येश्य से आज दिव्यांगजन महोत्सव, 2026 का आयोजन किया जा रहा है।

श्रीमती प्रेयषी ने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय, समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों के हितार्थ कई महत्वपूर्ण पहल किये गए हैं। इसके तहत राज्यव्यापी दिव्यांगजन खेल प्रतियोगिता, 2025 तथा अंतर्राट्रीय दिव्यांगजन दिवस, 2025 के अवसर पर पहली बार दो दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिसमें बडी संख्या में दिव्यांगजनों ने भागीदारी कर अपने कौशल का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग दिव्यांगजनों के सर्वांगीण विकास के लिए दृढ़ संकल्पित है तथा उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्रवाई कर रही है ।

श्रीमती प्रेयषी ने कहा कि राज्य सरकार समाज कल्याण विभाग के माध्यम से राज्य के दिव्यांगजनों के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिये विभिन्न लाभकारी योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है। इस क्रम में मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण छत्र योजना 'सम्बल' के अंतर्गत दिव्यांगजनो को सहायक उपकरण उपलब्ध कराया जाना, यूडीआईडी की उपलब्धता सुनिश्चित करना, दिव्यांगजन सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना आदि का क्रियान्वयन, बिशेष विद्यालयों, पुनर्वास गृहों का संचालन प्रभावी तरीके से किया जा रहा है।

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