पटना , फरवरी 18 -- बिहार के लोक स्वास्थय एवं अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह ने बिहार विधान सभा में बुधवार को कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में जलप्रदूषण की समस्या को ले कर सचेत है और प्रभावित इलाकों को चिन्हित कर वहां पेयजल की जाँच के बाद समस्या का समाधान किया जा रहा है।

मंत्री श्री सिंह ने आज सदन में बिहार में बढ़ते जल प्रदूषण और उससे उत्पन्न हो रही कैंसर सहित अन्य गंभीर बिमारियों पर विधायक दुलाल चन्द्र गोस्वामी के ध्यानाकर्षण सूचना का जवाब देते हुए कहा कि 14 जिलों में आर्सेनिक, 11 में फ्लोराईड तथा 12 में आयरन की अधिकता पाई गई है और सरकार जल की जाँच के बाद इन इलाकों में समाधान की कोशिश कर रही है।

श्री सिंह ने कहा कि सात निश्चय योजना के अन्तर्गत बिहार राज्य के सभी परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना की शुरूआत वर्ष 2016 में की गयी थी। इस योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में हर घर नल का जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य नगर विकास एवं आवास विभाग को तथा ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर नल का जल उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग एवं पंचायती राज विभाग को दी गयी थी। उन्होंने कहा कि इस निर्णय के बाद लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने राज्य के 56,447 वार्डों में 50,081 योजनाओं एवं पंचायती राज विभाग ने 58,003, ग्रामीण वार्डों में 70,157 योजनाओं का निर्माण किया है। उन्होंने कहा कि लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने निविदा के माध्यम से चयनित संवेदकों के माध्यम से निर्माण कार्य एवं पाँच साल के रख-रखाव की व्यवस्था की है।

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