पटना , दिसंबर 4 -- बिहार विधानसभा में गुरुवार को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का एजेंडा पूरी तरह चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादों के अनुरूप है और राज्यपाल के अभिभाषण में आने वाले पांच वर्षों की रूपरेखा स्पष्ट की गई है।
बिहार विधानमंडल के संयुक्त सत्र में हुए राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के अभिभाषण पर विधानसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर विशेष बहस पर सरकार की तरफ से जवाब देते हुए श्री चौधरी ने कहा कि पिछले दो दशकों में प्रदेश में हुई प्रगति का उल्लेख राज्यपाल ने अपने भाषण में प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन ने 2025 के विधानसभा चुनाव में 202 सीटें हासिल कीं, जो लोकतंत्र और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में जनता के विश्वास का मजबूत प्रमाण है।
उपमुख्यमंत्री ने सभा में कहा कि बिहार को आधुनिक आर्थिक ढांचे में रूपांतरित करने के लिए "न्यू एज इकोनॉमी कमेटी" बनाई गई है। इसके साथ ही राज्य में स्टार्टअप, इकोसिस्टम को सुचारू और पर्यवेक्षित करने के लिए एक विशेष पैनल भी गठित किया गया है।
श्री चौधरी ने कहा कि सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त कदम उठाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि सार्वजनिक जीवन या मीडिया में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी, जिसमें जेल जैसी कानूनी सजा भी शामिल है।
उपमुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि 2005 से पहले बिहार में केवल कुछ ही मेडिकल कॉलेज थे और उनमे से दो ब्रिटिश काल में स्थापित और चार 1978 में बने थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री कुमार के नेतृत्व में प्रदेश में कई नए मेडिकल कॉलेज बनाए गए और 27 अतिरिक्त कॉलेजों के निर्माण की प्रक्रिया जारी है। सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी अतिक्रमणकारी, शराब माफिया या आपराधिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।
श्री चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगभग 60 लाख परिवारों को बिना किसी भेदभाव के पक्का मकान मिला है। इसके अलावा 8.30 करोड़ लाभार्थियों को खाद्यान्न सीधे उपलब्ध कराया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने पुलिस में भ्रष्टाचार पर के मुद्दे पर कहा कि प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पैसे मांगने वाले किसी भी अधिकारी को तुरंत बर्खास्त कर दिया जाएगा।
श्री चौधरी ने कहा कि राज्य की सभी 25 बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से शुरू किया जाएगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई इकाइयां भी विकसित की जाएंगी।
उपमुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल में लोकतांत्रिक मूल्यों से समझौता हुआ, जबकि नीतीश कुमार ने सुशासन, कानून-व्यवस्था और कल्याणकारी योजनाओं से जनता का कल्याण किया। उन्होंने कहा कि पूर्व के शासन में सरकारी अतिथि गृहों में बैठ कर चुनाव प्रभावित किए जाने की बातें सुनी जाती थीं , जबकि वर्तमान सरकार में चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है।
इससे पहले बहस में भाग लेते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने 'पीएम-किसान सम्मान' निधि सहित सरकार की कई प्रमुख पहलों का उल्लेख किया और कहा कि प्रदेश में कृषि निर्यात को दोगुना करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पाँच मेगा फूड पार्क' स्थापित किए जाएंगे, बिहार डेयरी मिशन के तहत ब्लॉक स्तर पर 'प्रोसेसिंग और पैकेजिंग' केंद्र बनाए जाएंगे, जिससे रोजगार बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि अब एक गतिशील बिहार मास्टर प्लान एक्सप्रेस-वे के विकास का मार्गदर्शन करेगा तथा इसके तहत चार नए शहरों में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट बनाए जाएंगे, मां जानकी की जन्मभूमि में विश्वस्तरीय आध्यात्मिक शहर विकसित किया जाएगा, 10 नए शहरों में घरेलू हवाई सेवा शुरू होगी, 10 नए औद्योगिक पार्क, 100 सूक्ष्म, लधु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) पार्क और "वोकल फॉर लोकल" अभियान के तहत 50,000 कुटीर उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार को पूर्वी भारत का औद्योगिक हब बनाया जाएगा-जिसमें डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, ग्लोबल सिटी प्रोजेक्ट, बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन, ग्लोबल बैंक तथा हाफ ग्लोबल पार्क शामिल होंगे।
श्री सिन्हा ने भूमि माफिया और बालू माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात भी कही। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों ने लोकतंत्र में अद्भुत विश्वास दिखाया। 2025 का चुनाव ऐतिहासिक रहा, जिसमें 70% से अधिक महिला मतदाताओं ने भाग लेकर राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल कायम की।
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