पटना , दिसंबर 24 -- िहार के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए वंशावली निर्गत करने से संबंधित लंबे समय से चली आ रही असमंजस की स्थिति अब समाप्त हो गई है।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट निर्णय लेते हुए नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायत क्षेत्रों में वंशावली निर्गत करने के लिये अंचलाधिकारी को सक्षम प्राधिकार घोषित कर दिया है।

प्रधान सचिव सी.के.अनिल द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब नगर निकायों के अंतर्गत आने वाले नागरिक अपने संबंधित अंचल क्षेत्र के अंचलाधिकारी से वंशावली प्राप्त कर सकेंगे। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।

आदेश में कहा गया है कि अब तक शहरी क्षेत्रों में वंशावली निर्गत करने के लिए कोई सुस्पष्ट व्यवस्था अथवा सक्षम प्राधिकार निर्धारित नहीं था। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग के परिपत्र के तहत सरपंच द्वारा वंशावली निर्गत की जा रही है। इसी विसंगति को दूर करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा नगर विकास एवं आवास विभाग ने संयुक्त रूप से विधिक पहल की।

इस क्रम में महाधिवक्ता, बिहार के साथ 18 दिसंबर 2025 को विमर्श किया गया, जिसके आलोक में विधि विभाग ने शहरी क्षेत्रों में अंचलाधिकारी को वंशावली निर्गत करने का अधिकार देने के प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की। इसके बाद सम्यक विचारोपरांत यह निर्णय लिया गया।

विभागीय आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह व्यवस्था अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी तथा भविष्य में आवश्यकता के अनुसार इसकी समीक्षा कर परिवर्तन भी किया जा सकता है।

सरकार के इस निर्णय से शहरी नागरिकों को वंशावली प्राप्त करने में सहूलियत होगी और विभिन्न प्रशासनिक एवं कानूनी कार्यों में अनावश्यक परेशानियों से मुक्ति मिलेगी।

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