पटना , मार्च 28 -- श्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजर बिहार में आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने, प्रवासी श्रमिकों के हितों की सुरक्षा करने तथा अन्य संबंधित विषयों पर समुचित समीक्षा एवं समन्वित कार्रवाई के उद्देश्य से बिहार सरकार के स्तर पर एक उच्च स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (सीएमजी) का गठन किया गया है। यह समूह मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कार्य करेगा। इसमें विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है, जिनमें विकास आयुक्त, अपर मुख्य सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक, तथा कृषि, स्वास्थ्य, नगर विकास एवं आवास, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, सहकारिता, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण, ऊर्जा, परिवहन तथा आपदा प्रबंधन विभागों के प्रधान सचिव/सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हैं। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को इस समूह का नोडल विभाग नामित किया गया है।

इस समूह की जिम्मेदारी राज्य में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी, प्रवासी श्रमिकों के हितों की रक्षा तथा संभावित आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिये समन्वित रणनीति तैयार करना एवं उसे लागू करना होगा।

क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की पहली बैठक 30 मार्च को होगी। इसके बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी प्रमंडलीय आयुक्तों एवं जिला पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित होगी, जिससे राज्यभर में प्रभावी समन्वय स्थापित किया जा सके। आवश्यकता पड़ने पर भविष्य में अन्य विभागों को भी इस समूह में शामिल किया जा सकेगा।

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