पटना , फरवरी 10 -- बिहार के पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में अपने संसाधनों से एक्सप्रेसवे का निर्माण करने का निर्णय लिया है।
मंत्री ने बिहार विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सड़क निर्माण विभाग की बजटीय मांग पर हुई बहस का जवाब देते हुए कहा कि केंद्र सरकार भी बिहार में एक्सप्रेसवे का निर्माण करा रही है। इनमें 10,862.63 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे शामिल है। इसके अलावा 23,434 करोड़ रुपये की लागत से गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे तथा 18,242 करोड़ रुपये की लागत से पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश सरकारों ने अपने संसाधनों से अपने राज्य में एक्सप्रेसवे का निर्माण किया है, इसलिए बिहार सरकार ने भी लोगों के व्यापक हित में बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के लिए ऐसा करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि बिहार के किसी भी हिस्से से पटना तक पांच घंटे में यात्रा सुनिश्चित करने का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। अब बिहार के लोगों को बेहतर सड़कों की और अधिक सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है।
श्री जायसवाल ने बताया कि बिहार में 44 रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 56 आरओबी का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि जेपी गंगापथ का निर्माण और उद्घाटन हो चुका है, जिसे पश्चिम में कोईलवर तथा पूर्व में सुल्तानगंज तक विस्तारित किया जाएगा।
श्री जायसवाल ने कहा कि इसके लिए विशेषज्ञों की एक टीम को महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में हो रहे एक्सप्रेसवे निर्माण कार्यों के तकनीकी एवं अन्य पहलुओं के अध्ययन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मंत्री के उत्तर से असंतुष्ट होकर पूरे विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया। बाद में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सड़क निर्माण विभाग की 7,404.78 करोड़ रुपये की बजटीय मांग ध्वनिमत से पारित कर दी गई।
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