, May 11 -- मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक आवेदन अग्रसारित तो होते थे, लेकिन उनके निष्पादन की कोई समय-सीमा तय नहीं थी, जिससे लोगों को परेशानी होती थी। इसी को देखते हुए 30 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की गई है। श्री चौधरी ने कहा कि यदि कोई पदाधिकारी आवेदन का निष्पादन करने में कोताही बरतता है, फाइल लंबित रखता है अथवा आदेश पारित नहीं करता है तो उसके विरुद्ध स्वतः निलंबन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल पर व्यवस्था विकसित की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने कहा कि सड़क, बिजली, पानी, भूमि विवाद, कचरा प्रबंधन तथा थाना और अंचल स्तर की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों की शिकायतों का निष्पादन पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ किया जाए।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित