, April 8 -- श्री चौधरी ने कहा कि ढोल पहाड़ी पहले से ही धार्मिक और सामाजिक आयोजनों का केंद्र रहा है, लेकिन सुविधाओं की कमी के कारण इसका पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा था। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद यहां नियमित हाट और कार्यक्रम आयोजित हो सकेंगे, जिससे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार पर्यटन, विशेषकर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। गया में विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर, बेगूसराय के सिमरिया घाट, वैशाली में बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय और अन्य प्रमुख स्थलों का विकास इसी दिशा में किया जा रहा है।
श्री चौधरी ने कहा कि मुंगेर में स्थित बिहार योग विद्यालय जिसे दुनिया का पहला योग विश्वविद्यालय होने का गौरव प्राप्त है-वहां पूरी दुनिया से लोग आते हैं। मुंगेर में भीमबांध वन्यजीव अभयारण्य और हवेली खड़गपुर झील जैसे विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल हैं औरअब ढोल पहाड़ी को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे योग विद्यालय आने वाले पर्यटकों को एक नया अनुभव मिलेगा। इसके साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और व्यापार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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