, April 25 -- मुख्यमंत्री चौधरी ने निर्देश दिये कि मंत्री, विधायक, पदाधिकारियों और कर्मियों के लिये दो दिन का विशेष पर्यटन पैकेज तैयार किया जाए, जिससे वे बिहार के महत्वपूर्ण पर्यटक स्थलों पर जाकर ठहर सकें और वहां की सुविधाओं का अनुभव कर सकें।उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये जरूरी है कि अधिकारी स्वयं इन स्थलों का भ्रमण करें और वहां समय बिताएं। इससे न केवल उन्हें जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की समझ मिलेगी, बल्कि आम लोगों के बीच भी इन स्थलों की विशेषताओं और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी पहुंचेगी, जिससे पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा।
श्री चौधरी ने निर्देश दिये कि राज्य सरकार के जो भी तालाब हैं उसके चारों तरफ पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग पौधारोपण कराए और पर्यटकीय सुविधा विकसित करें। इससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। राज्य का हरित आवरण क्षेत्र बढ़ेगा साथ ही जल संरक्षण में भी सहूलियत होगी। उन्होंने कहा कि सभी चौर एरिया के वेटलैंड क्षेत्र को सिस्टमैटिक कर उसके आसपास पौधारोपण कराएं। जल संसाधन विभाग के जो भी डैम हैं, वहां पीपीपी मॉडल पर इको टूरिज्म की संरचनायें विकसित करें। राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में हेलीपौट का निर्माण कराएं, जिससे पर्यटक वहां की खूबसूरत वादियों का आनंद उठा सकें।
मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने निर्देश दिये कि राज्य के जैन सर्किट को भी विकसित करने के लिए योजना बनाएं, इसके लिए जैन समाज के लोगों से बात करें और उनका सहयोग लें। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटकीय सुविधाओं को विकसित करने के लिए कई कार्य किए गए हैं। कई धरोहरों को संरक्षित किया गया है। सरकार जनकल्याण कार्य में लगी है साथ ही राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई कार्य किए जा रहे हैं।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, वित्त सह पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, कुमार रवि,डॉ. चंद्रशेखर सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, आयुक्त सह सचिव वाणिज्य कर विभाग संजय कुमार सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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