, April 11 -- कार्यशाला में विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारियों, अभियंताओं, वैज्ञानिकों तथा विकास साझेदार संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान भूजल संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव, जल स्रोतों की स्थिरता तथा दीर्घकालिक जल सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने तकनीकी सत्रों के माध्यम से भूजल प्रबंधन के वैज्ञानिक एवं व्यवहारिक पहलुओं पर विचार-विमर्श किया, तथा राज्य में जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यशाला का उद्देश्य राज्य में जलवायु के अनुकूल, सुदृढ़ एवं टिकाऊ पेयजल प्रबंधन प्रणाली विकसित करना है, जिससे आम जनता को निरंतर एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।

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