, Feb. 19 -- कार्यक्रम में छह महादलित महिला चालकों रागिनी कुमारी, सरस्वती कुमारी, आरती कुमारी, बेबी, गायत्री कुमारी और अनीता कुमारी को हेवी मोटर व्हीकल (एचएमवी) की नियुक्ति पत्र और सम्मान दिया गया। इसके अलावा पांच गुड सेमेरिटन(राहवीरों) को सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद के लिए 25-25 हजार रुपये का चेक, प्रमाण-पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार ने कहा कि सड़क सुरक्षा माह का उद्देश्य लोगों को यातायात कर्तव्यों का बोध कराना है। उन्होंने कहा कि विभाग दंड के साथ-साथ जागरूकता पर भी जोर दे रहा है। सभी जिलों में हर शनिवार निजी बस चालकों की ट्रेनिंग आयोजित की जाएगी। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि क्षणिक खुशी के लिए स्टंटबाजी न करें, इससे जान जा सकती है। उन्होंने कहा कि बिहार देश का पहला राज्य है जहां 1000 से अधिक गुड सेमेरिटन हैं। जल्द ही सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद के लिए कैशलेस उपचार योजना लागू होगी। हाल ही में 10 हजार से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड और 500 से अधिक रद्द किए गए हैं।

कार्यक्रम में स्कूली बच्चों के लिए सड़क सुरक्षा के विभिन्न बिंदुओं पर वीडियो प्रदर्शन किया गया और सड़क सुरक्षा की शपथ भी दिलाई गई। एसडीआरएफ ने सीपीआर और आपातकालीन उपचार की ट्रेनिंग दी।

राज्य एवं जिला स्तर पर परिवहन एवं सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों कर्मियों को सम्मानित किया गया। जिला स्तर पर डीटीओ, एडीटीओ, एमवीआई, ईएसआई और अन्य अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ.यू.के.मिश्र, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य पी.एन. राय, कौशल किशोर मिश्रा, नरेन्द्र कुमार सिंह, प्रकाश कुमार, शम्भु दत्त झा, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, परिवहन विभाग के अपर सचिव, प्रवीण कुमार, बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के प्रशासक अतुल वर्मा, पुलिस उप महानिरीक्षक (यातायात), सुशांत कुमार सरोज, अपर सचिव कृत्यानंदन रंजन, पुलिस अधीक्षक (यातायात) सागर कुमार, संयुक्त सचिव इंदु कुमारी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

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