पटना , फरवरी 11 -- बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने सदन की कारवाई से संबंधित समाचार पत्रों में छप रही ख़बरों की भाषा पर बुधवार को चिंता व्यक्त की।
परिषद की भोजनावकाश पूर्व बैठक शुरू होते ही राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ सदस्य अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि उच्च सदन की कार्यवाही का सही संदेश जनता तक नहीं पहुंच रहा है। इस पर सभापति अवधेश नारायण सिंह ने भी अखबारों में छप रही खबरों की भाषा पर असंतोष जताते हुये कहा कि सदन की कार्यवाही को सड़क जैसी भाषा में प्रस्तुत किया जाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर वह अपने कक्ष में वरिष्ठ सदस्यों के साथ विमर्श करेंगे।
इसके बाद प्रश्नोत्तरकाल सामान्य रूप से संचालित हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना के तहत डुप्लिकेट परियोजनाओं की स्वीकृति का मामला भी गरमाया। राजद के अब्दुल बारी सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि 4,787 परियोजनाओं में से 105 ऐसी योजनायें स्वीकृत की गई हैं जो पहले ही पूरी हो चुकी थीं। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि 3,259 योजनाएं स्वीकृत हुई हैं, जिनमें 101 फर्जी योजनाओं की पहचान कर उन्हें रद्द कर दिया गया है और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जायेगी।
सदन में प्रश्नकाल के दौरान सरकार ने माना कि बिहार में सूखा नशा करने वालों की संख्या में वृद्धि हुई है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के रविंद्र सिंह के सवाल पर प्रभारी मंत्री अशोक चौधरी ने यह स्वीकार किया। जदयू के वीरेंद्र नारायण यादव ने सीमावर्ती उत्तर प्रदेश जिलों में शराब दुकानों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताते हुये सरकार से पड़ोसी राज्यों से समन्वय की मांग की। मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नशे की रोकथाम के लिये जागरूकता अभियान और छापेमारी तेज की जायेगी। उन्होंने बताया कि राज्य में 15 हजार किलोग्राम से अधिक गांजा, 240 किलो अफीम और 40 हजार लीटर कफ सिरप जब्त किया गया है और 16 लाख से अधिक गिरफ्तारियां की गई हैं।
सदन में बेल्ट्रान से जुड़े अभ्यर्थियों के रोजगार का प्रश्न भी उठा। विधान पार्षद अशोक कुमार ने कहा कि हिंदी टाइपिंग परीक्षा में 10 हजार अभ्यर्थी सफल हुये, लेकिन पांच हजार को ही नियुक्ति मिली। इस पर प्रभारी मंत्री श्रेयसी सिंह ने स्पष्ट किया कि मेरिट के आधार पर नियुक्तियां हुई हैं और शेष अभ्यर्थियों के लिये फिलहाल कोई योजना नहीं है।
भूमि सुधार एवं जनकल्याण संवाद के जरिये भूमि विवाद निपटारे की स्थिति पर भी चर्चा हुई। मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि करीब 40 लाख भू- अभिलेखों में त्रुटियां पाई गई हैं, जिनमें से छह लाख मामलों में सुधार किया गया है। जनकल्याण संवाद के तहत 8,363 आवेदन प्राप्त हुये हैं, जिन पर कार्रवाई जारी है। इस दौरान राजद के सुनील कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि कई प्रखंडों में बिना रिश्वत के जमीन से जुड़े काम नहीं होते। इस पर मंत्री ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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