पटना , फरवरी 02 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने सोमवार को कहा कि बिहार विधान मंडल में पेश आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट झूठ का पुलिंदा है।

श्री पाण्डेय ने आज बयान जारी कर कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है। राज्य के विकास दर में लगातार गिरावट दर्ज हो रहा है तथा कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस समय बिहार पर कर्ज 3,74,134 करोड़ रुपये का हो गया है और राज्य सरकार के दस लाख युवाओं को रोजगार देने के दावे भी झूठे साबित हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन दावों के विपरीत वर्ष 2020-21 से लेकर अब तक 4,94,249 रिक्तियां ही निकाली गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आर्थिक विषमता व्याप्त है। राज्य के 94 लाख परिवारों की आमदनी छह हजार रुपये से कम है।

भाकपा राज्य सचिव ने कहा कि राजकोषीय घाटा लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की स्थिति भी ठीक नही है और उन्हें क्रेडिट कार्ड भी नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक 1,42,736 किसानों को ही क्रेडिट कार्ड जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों को बैंकों से ऋण नहीं मिल रहा है। किसानो की हालत खस्ताहाल है और सिंचाई क्षमता में लगातार ह्रास हो रहा है।

भाकपा नेता ने कहा कि बिहार के 2.08 करोड़ राशनकार्ड धारियों में से 1.86 करोड़ को ही प्रत्येक महीने राशन मिल रहा है। अधिकांश नलकूप बंद पड़े हुए हैं। राज्य में कल कारखानों की स्थिति भी ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट के माध्यम से अपनी उपलब्धियों को बढ़ा चढ़ाकर पेश करने का कार्य किया है और विकास के दावों में सच्चाई कम और झूठ का अंश ज्यादा है।

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