, March 13 -- श्री सिन्हा ने कहा कि जिन अमीनों की कार्य-ग्रेडिंग अच्छी होगी, उन्हें विभागीय बहाली में प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सर्वेक्षण कार्य से जुड़े कर्मियों को अन्य कार्यों में नहीं लगाया जाए। इसके लिए भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक श्री सुहर्ष भगत को सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी करने को कहा गया है।

समीक्षा के दौरान बताया गया कि विशेष सर्वेक्षण के प्रथम चरण में 20 जिलों के 89 अंचलों के कुल 5657 मौजों में से 1838 मौजों में फाइनल पब्लिकेशन पूरा कर लिया गया है, जो कुल कार्य का लगभग 33 प्रतिशत है। वहीं 3662 मौजों में ड्राफ्ट पब्लिकेशन सम्पन्न हो चुका है, जो लगभग 67.75 प्रतिशत कार्य के बराबर है।

उपमुख्यमंत्री श्री सिन्हा ने स्पष्ट किया कि विशेष भूमि सर्वेक्षण राज्य के भूमि प्रबंधन को पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान है। इसे तय समय सीमा में पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है।

इससे पूर्व सचिव गोपाल मीणा ने स्वागत भाषण में कहा कि विलंब से सभी की छवि धूमिल होती है। समय से काम करना हम सभी की जिम्मेवारी है। इस सर्वे कार्य को अगले निर्धारित समय सीमा में पूरा करना हम सभी का लक्ष्य है।

निदेशक सुहर्ष भगत ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि मंत्री श्री सिन्हा के निर्देश के अनुसार पूरी टीम कार्य करके अपना लक्ष्य हासिल करेगी।

इस मौके पर विशेष कार्य पदाधिकारी नवाजिश अख्तर, अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी शैलेश कुमार श्रीवास्तव, पंकज कुमार, श्रेया मिश्रा, ऐमन फातिमा सहायक निदेशक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सुश्री जूही कुमारी समेत मुख्यालय के कई अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।

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