पटना , जनवरी 27 -- राजकीय रेल पुलिस में अब ट्रांसफर और पोस्टिंग मनमाने तरीके से नहीं होंगे, बल्कि इसके लिये शीघ्र तैयार की जाने वाली नई नीति के तहत ही सभी तबादले और तैनातियां की जायेंगी।

इस व्यवस्था को लागू करने के लिये रेल पुलिस इकाई जल्द नई नीति तैयार करेगी। राजकीय रेल पुलिस के पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के स्थानांतरण को लेकर तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जिसकी अध्यक्षता रेल पुलिस महानिरीक्षक करेंगे, जबकि सदस्य के रूप में रेलवे डीआईजी और एआईजी शामिल होंगे। इससे संबंधित आदेश अपर पुलिस महानिदेशक (रेल) डॉ कमल किशोर सिंह ने मंगलवार को जारी किया है।

आदेश में कहा गया है कि गठित समिति बिहार रेल पुलिस में पदस्थापित कर्मियों के स्थानांतरण से संबंधित नीति तैयार कर एक सप्ताह के भीतर अपना प्रतिवेदन अपर पुलिस महानिदेशक (रेलवे) को सौंपेगी। तब तक राजकीय रेल पुलिस इकाई में किसी भी प्रकार का अंतर- रेल जिला स्थानांतरण नहीं किया जायेगा। भविष्य में समिति की ओर से तैयार और अनुमोदित स्थानांतरण नीति के अनुरूप ही तबादलों की प्रक्रिया अपनाई जायेगी, जिसे एक निर्धारित बोर्ड के माध्यम से लागू किया जायेगा।

इसके लिये चार सदस्यीय स्थानांतरण बोर्ड का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता रेल महानिरीक्षक करेंगे। रेलवे डीआईजी और एआईजी बोर्ड के सदस्य होंगे, जबकि स्थापना शाखा के प्रभारी को इसका कॉवेनर बनाया गया है। बोर्ड के गठन के बाद सभी अंतर- रेल जिला स्थानांतरण इसी बोर्ड के माध्यम से किये जायेंगे। स्थानांतरण प्रस्ताव को पहले बोर्ड से मंजूरी दिलाई जायेगी, जिसके बाद अपर पुलिस महानिदेशक (रेलवे) के स्तर से अनुमोदन मिलने पर आदेश जारी किये जायेंगे। प्रशासनिक कारणों से अंतर- रेल जिला तबादले डीआईजी (रेलवे) के स्तर से किये जायेंगे, जिन्हें बोर्ड की संस्तुति और अपर पुलिस महानिदेशक (रेलवे) की स्वीकृति आवश्यक होगी।

वहीं, रेल पुलिस जिला के अंतर्गत स्थानांतरण पूर्व की भांति रेल पुलिस अधीक्षक को प्राप्त अधिकारों के अनुसार किये जाते रहेंगे। थानाध्यक्षों का एक वर्ष के भीतर स्थानांतरण डीआईजी (रेलवे) के स्तर से किया जायेगा। किसी भी स्तर के स्थानांतरण आदेश में हस्तक्षेप करने का अधिकार अपर पुलिस महानिदेशक (रेलवे) के पास सुरक्षित रहेगा।

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