, Feb. 21 -- श्री रूडी ने केंद्र सरकार का आभार जताते हुए कहा कि इस हवाई अड्डे की स्वीकृति 2020 में ही दे दी गई थी, लेकिन कुछ देरी हुयी, लेकिन अब यह जमीन पर उतरने वाला है। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार ने वहां के किसानों के हितों के लिए रियल स्टेट के द्वारा जमीन की दी जा रही कीमत से पांच गुना अधिक मूल्य तय कर दिया है, जिससे किसानों को अपनी जमीन देने में परेशानी नहीं होगी।उन्होंने कहा कि इस हवाई अड्डे की मंजूरी के बाद एविएशन ट्रेनिंग की संभाव्यताएँ भी पटना सहित बिहार में बढ़ जाएँगी।

भाजपा सांसद ने कहा कि बिहार कैबिनेट ने दक्षिण-पूर्व एशिया के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों में से एक को सोनपुर में स्वीकृति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि यह हवाई अड्डा उनके संसदीय क्षेत्र सारण में स्थापित होगा और उत्तर-पूर्व भारत, भूटान, नेपाल, पश्चिम बंगाल एवं बिहार से आने-जाने वाले हवाई यातायात के लिए एक प्रमुख एविएशन हब के रूप में विकसित होगा।उन्होंने कहा कि पटना से मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह एयरपोर्ट यूरोप, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया तक सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करने की क्षमता रखेगा। यह विकास इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। यह निर्णय बिहार को राष्ट्रीय ही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र पर नई पहचान देने की दिशा में निर्णायक कदम है।

‎ श्री रूडी ने सोनपुर हवाईअड्डा की तुलना अन्य हवाई अड्डों से करते हुए कहा कि आकार और आधुनिक सुविधाओं की दृष्टि से यह देश के प्रमुख हवाई अड्डों- जेवर, नवी मुंबई, बेंगलुरु और अन्य बड़े एयरपोर्ट्स की श्रेणी में शामिल होगा।उन्होंने कहा कि पिछले सात वर्षों के निरंतर प्रयास और प्रक्रिया के बाद यह सपना साकार हो पाया है। उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि यह परियोजना 14 करोड़ बिहारवासियों के विकास और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगी।

‎ संवाददाता सम्मेलन में बिहार सरकार के मंत्री संजय टाइगर, विधायक कृष्ण सिंह मंटू, छोटी कुमारी और प्रदेश मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल उपस्थित थे।

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