, March 27 -- श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पटना जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। लगभग 381 स्थानों पर 480 से अधिक दण्डाधिकारियों को प्रतिनियुक्त किया गया है। इनके साथ पुलिस पदाधिकारियों को भी तैनात किया गया है। साथ ही सशस्त्र बल एवं लाठी बल को भी लगाया गया है। वीडियोग्राफी एवं सीसीटीवी की समुचित व्यवस्था की गई है। ड्रोन से भी निगरानी की जाएगी। असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यातायात नियंत्रण एवं पार्किंग का उचित प्रबंध किया गया है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी पर्व के अवसर पर प्रदेश एवं देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनायें दीं। उन्होंने शुभकामना संदेश में कहा है कि रामनवमी जैसे महत्वपूर्ण पर्व राष्ट्रीय एकता, अखण्डता तथा देश की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करते हैं। उन्होंने राज्यवासियों से अपील की है कि पावन पर्व रामनवमी को प्रेम, भाईचारे और हर्षोल्लास के साथ मनायें।

इस वर्ष 50 से अधिक शोभायात्राएँ राजधानी पटना के अलग अलग स्थानों से विभिन्न पूजा कमिटियों के बैनर तले निकाली जायेंगी। शोभायात्राओं में भगवान राम के जीवन से जुड़े प्रसंगों को सुंदर झांकियों के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। इस बार की रामनवमी के अवसर पर प्रसिद्ध टीवी धारावाहिक रामायण में प्रभु श्री राम का चरित्र निभाने वाले अभिनेता एवं सांसद अरुण गोविल समेत कई प्रसिद्ध कलाकार एवं सांसद मनोज तिवारी भी शामिल होंगे।

आचार्य राकेश झा ने बताया कि प्रभु श्रीराम का जन्म चैत्र शुक्ल नवमी को कर्क लग्न में हुआ था।नवमी पर गंगा स्नान या पवित्र तीर्थों में स्नान करने से कई गुना पुण्य फल प्राप्त होगा।सनातन धर्मावलंबी आज अपने घर एवपं मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना करेंगे ।घर एवं मंदिर के हनुमत ध्वज को विधिवत पूजन कर बदला जाएगा।

श्री झा ने बताया कि राम नवमी पर आज अति शुभकारी पुनर्वसु एवं पुष्य नक्षत्र का युग्म संयोग बन रहा है। आज पुनर्वसु नक्षत्र प्रातः 05:34 बजे तक फिर पूरे दिन पुष्य नक्षत्र विद्यमान रहेगा। राम नवमी पर आज सर्वार्थ सिद्धि योग का उत्तम संयोग बन रहेगा। भगवान राम के जन्म के समय जो लग्न था, वही कर्क लग्न आज शुक्रवार को रामनवमी पर भी रहेगा। ऐसे मंगलकारी संयोग में प्रभु श्रीराम, माता सीता एवं हनुमान की पूजा व आराधना से यश, बल, बुद्धि, ऐश्वर्य, उन्नति, आपसी प्रेम, भैतिक सुख का विकास होता है।राम नवमी को राम रक्षास्त्रोत्र, रामचरितमानस, राम स्तुति, रामाष्टक, राम कवच, हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, हनुमानाष्टक, सुंदरकांड आदि का पाठ करने से शत्रु शमन, उच्च पद की प्राप्ति, मानसिक शांति, नेतृत्व क्षमता, मनोबल में वृद्धि, संबंधों में मधुरता व प्रगति के अवसरों की प्राप्ति होती है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित