, March 29 -- श्री यादव ने बताया कि लाभार्थियों का चयन ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए किसानों का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि इच्छुक किसान उद्यान निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर "पान विकास योजना" के अंतर्गत आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 20 मार्च 2026 से शुरू हो चुकी है तथा 20 अप्रैल 2026 तक आवेदन किया जा सकता है।

कृषि मंत्री ने बताया कि उद्यान निदेशालय की ओर से किसानों को प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से पान उत्पादन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।उन्होंने कहा कि पान उत्पादन बिहार की समृद्ध कृषि परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो विशेषकर मिथिलांचल, मगध एवं भोजपुर क्षेत्र के हजारों किसानों की आजीविका का प्रमुख आधार है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित