, March 21 -- श्री यादव ने कहा कि एक नया मौका आया है, मेडिका फूड्स के रूप में जो पौधों से दवा जैसा खाना यानी जो आप खायेंगे एवं आपके दवा के रूप में काम करेगा। इसका मतलब है सेहत भी, कमाई भी। उन्होंने कहा कि इस कॉन्क्लेव का मकसद है, किसान, वैज्ञानिक और उद्योग मिलकर खेती को मजबूत करेंगे। युवा साथियों को कम लागत में बड़ा स्टार्टअप लगाने में मदद मिलेगी। नर्सरी, पैकेजिंग, ट्रांसपोर्ट, मार्केटिंग-हर जगह मौका-ही-मौका है।
कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का संकल्प है कि बिहार का एक उत्पाद हर भारतीय तक पहुंचे और हमलोग इसमें कामयाब भी हुए हैं। अब हमारा सपना है कि बिहार का उत्पाद दुनिया के हर कोने तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच साफ है- 2047 तक भारत को विकसित बनाना।
श्री यादव ने कहा कि किसान मजबूत होगा तो बिहार मजबूत होगा और बिहार मजबूत होगा तभी भारत मजबूत और विकसित होगा। उन्होंने कहा कि अब समय बदल गया है, जो तकनीक अपनाएगा, वही आगे बढ़ेगा।
इस अवसर पर कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने कहा कि बिहार की धरती पर पहली बार इस तरह का ऐतिहासिक आयोजन हो रहा है। यह इस बात का प्रतीक है कि राज्य तरक्की कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस कन्क्लेव में राज्य के दूसरे हिस्से से भी नर्सरी से जुड़े हुए किसान एवं व्यवासायी आये हुए हैं, जो हमारे लिए खुशी की बात है।
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