, March 15 -- श्री यादव ने कहा कि कृषि यांत्रिकरण आज समय की मांग है, क्योंकि मशीन से काम तेज होता है, मजदूरी का दबाव घटता है और खेती अधिक वैज्ञानिक एवं लाभकारी बनती है।
इस अवसर पर कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने कहा कि कृषि विभाग द्वारा सीआईआई पटना के सहयोग से आयोजित यह चार दिवसीय कृषि यांत्रिकरण मेला एग्रो बिहार, 2026, पूर्वी भारत का सबसे बड़ा यांत्रिकरण मेला है। उन्होंने कहा कि कृषि विभाग, बिहार सरकार के द्वारा वर्ष 2011 से इस मेले का लगातार सफल आयोजन किया जा रहा है। मेले में विभिन्न कृषि यंत्र निर्माता कम्पनियों, कृषि वैज्ञानिकों, कृषि स्टार्टअप, ड्रोन आधारित कृषि सेवाओं तथा फसल प्रबंधन से जुड़े उपकरणों का प्रदर्शन किया गया।
श्री लाल ने कहा कि राज्य में कृषि यांत्रिकरण में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए इस मेले में उभरती कृषि तकनीकों जैसे-मखाना प्रोसेसिंग मशीन, इलेक्ट्रीक ट्रेक्टर, रोबोटिक्स, कृत्रिम बृद्धिमता, इंटरनेट ऑफ थींग्स, फसल अवशेष प्रबंधन एवं पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन के लिये संबंधित कृषि यंत्रों का प्रदर्शन भी किया गया।
उन्होंने कहा कि कृषि यांत्रिकरण एग्रो बिहार मेला 2026 के आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों एवं तकनीकों की जानकारी प्रदान करना तथा कृषि कार्यों को अधिक सरल, त्वरित एवं लागत प्रभावी बनाना है। मेले में खाद्य एवं प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य पालन, गव्य विकास, गन्ना उद्योग, उद्योग विभाग, सहकारिता, कम्फेड द्वारा उनके संबंधित योजनाओं/क्रियाकलापों को किसानों के लिए प्रदर्शित किया गया है।
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