, Jan. 6 -- श्री यादव ने बताया कि लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध स्पष्टीकरण एवं विभागीय कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप एवं हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर भी त्वरित संज्ञान लेते हुए पटना, शेखपुरा एवं सुपौल जिलों में दोषी उर्वरक प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई है।

कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकारें अन्नदाता किसानों के साथ मजबूती से खड़ी हैं। राज्य के किसी भी जिले में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक के साथ नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। किसानों से अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। सरकार हर स्तर पर सख्त निगरानी कर रही है, जिससे उर्वरक समय पर और उचित मूल्य पर उपलब्ध हों। उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अधिक मूल्य वसूली पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू है। दोषी डीलर, कंपनी प्रतिनिधि या पदाधिकारी किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हो रही है और किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

इस अवसर पर बिहार कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को समय पर, निर्बाध एवं निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसी भी जिले में कमी की स्थिति नहीं है। उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अधिक मूल्य पर बिक्री के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सघन निगरानी, उड़नदस्ता दलों की सक्रियता तथा जिला एवं प्रखंड स्तर पर नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है तथा दोषी पदाधिकारियों और उर्वरक प्रतिष्ठानों के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कठोर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। किसानों के हित सर्वाेपरि हैं और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

कृषि विभाग के निदेशक सौरभ सुमन यादव ने कहा कि राज्य में उर्वरक आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, अनुशासित और किसानोन्मुख बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में उपलब्ध उर्वरक भंडार की नियमित समीक्षा, प्रखंडवार उप-आवंटन तथा भौतिक सत्यापन सुनिश्चित कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उड़नदस्ता दलों, जिला एवं प्रखंड स्तरीय निगरानी समितियों तथा जांच दलों के माध्यम से कालाबाजारी और अधिक मूल्य पर बिक्री के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। प्राप्त शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए दोषी उर्वरक प्रतिष्ठानों के प्राधिकार पत्र निलंबन एवं रद्दीकरण सहित विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। किसानों को उचित मूल्य पर समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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