, March 28 -- श्री यादव ने बताया कि मुख्यालय स्तर पर गठित उड़नदस्ता दल लगातार जिलों में औचक निरीक्षण कर रहा है। शिकायत मिलते ही त्वरित छापेमारी और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाला कोई भी व्यक्ति कानून से नहीं बच पाएगा।साथ ही संतुलित एवं सतत उर्वरक उपयोग, वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देने तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती के प्रसार के लिए जिला स्तर पर "धरती माता बचाओ निगरानी समिति" के गठन का निर्देश दिया गया है।

कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के हितों की रक्षा का आश्वासन दिया है। उनके मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार किसान कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा किसी भी जिले में उर्वरक की कमी नहीं है।

श्री यादव ने बताया कि वर्ष 2025-26 में 28 मार्च तक 116 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि 454 उर्वरक प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं।

उन्होंने निर्देश दिया कि प्रखंडवार उर्वरक का उप-आवंटन किसानों की वास्तविक आवश्यकता एवं क्षेत्रफल के आधार पर किया जाए तथा पॉस मशीन में दर्ज स्टॉक और भौतिक स्टॉक का नियमित मिलान सुनिश्चित किया जाए।

कृष्मि त्री ने किसानों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। दोषी डीलर, कंपनी प्रतिनिधि या पदाधिकारी किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में उर्वरक की तस्करी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे जिलों में विशेष छापामारी दल गठित कर सशस्त्र सीमा बल के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

कृषि विभाग ने प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए तथा किसी भी स्थिति में पैनिक की स्थिति नहीं बनने दी जाए। उन्होंने कहा कि प्रमंडलीय एवं जिला स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित करने का भी निर्देश दिया गया है।

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