, March 18 -- उपमुख्यमंत्री श्री सिन्हा ने इसे अनुशासन कायम रखने की दिशा में आवश्यक कदम बताया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में लगभग 50 प्रतिशत राजस्व पदाधिकारी कार्य कर रहे हैं, जिसकी पुष्टि जिलाधिकारियों और अपर समाहर्ताओं द्वारा भेजी गई रिपोर्ट से हुई है।उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष के समापन को देखते हुए कार्य निष्पादन अत्यंत महत्वपूर्ण है। अभी इसी विभाग द्वारा जनगणना के कार्य की भी मॉनिटरिंग की जा रही है। 17 अप्रैल से स्व गणना का काम शुरू होना है। इसकी तैयारी चल रही है। विभाग द्वारा कई अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में जो अधिकारी शीघ्र अपने कार्य पर लौट आते हैं, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, लेकिन, सरकार के आदेशों की अवहेलना करने और कामकाज में बाधा डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

उपमुख्यमंत्री श्री सिन्हा ने यह भी चेतावनी दी कि मीडिया में भ्रामक प्रचार-प्रसार करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अराजकता स्वीकार नहीं की जाएगी। गुमराह करने वाले वक्तव्य देने वालों को निलंबित किया जाएगा।उन्होंने त्यागपत्र दे चुके एवं एक राजनीतिक दल से चुनाव लड़ने वाले पूर्व राजस्व पदाधिकारी आदित्य शिवम शंकर के आचरण एवं कार्यों की जांच कराने का भी निर्णय लिया है।

श्री सिन्हा ने बताया कि इस संबंध में एक त्रि-सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है, जिसमें श्री महेंद्र पाल को अध्यक्ष तथा श्रीमती मोना झा एवं नवाजिश अख्तर को सदस्य बनाया गया है। समिति मामले की विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी। इनके कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों की भी जांच कराने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि जनहित सर्वोपरि है और प्रशासनिक अनुशासन से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

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