, March 28 -- सरकारी सख्ती के बाद हड़ताल कर रहे अधिकारियों के बीच दबाव बढ़ने लगा है। विभागीय जानकारी के अनुसार अब तक 24 अधिकारी काम पर लौट चुके हैं। पहले ही गैर-हड़ताली अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार देकर कामकाज जारी रखने के निर्देश दिए जा चुके हैं। विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे मामलों में तत्परता से कार्रवाई करें और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट विभाग को भेजें।

बिहार के उप मुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राज्य में विधि-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था से कोई भी खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि काम पर लौटे ईमानदार अधिकारियों को धमकाना न केवल कायरता है, बल्कि यह एक गंभीर आपराधिक कृत्य भी है। ऐसे तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

श्री सिन्हा ने कहा कि सरकार स्पष्ट कर देना चाहती है कि जो लोग डर और दबाव के जरिए राजस्व व्यवस्था को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके लिए बिहार में कोई जगह नहीं है। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें जेल भेजना सुनिश्चित किया जाएगा, जो अधिकारी सरकार के साथ आए हैं उनको सुरक्षा और सम्मान देने की हम सबकी जिम्मेवारी है। उन्होंने कहा कि जो इस्तीफा देकर चुनाव लड़े हैं, वे आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके भी कार्यों की जांच कराई जाएगी। सरकार पूरी नजर बनाए हुए है। गंभीर आरोप वाले किसी भी हाल में नहीं बचेंगे।

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