पटना , जनवरी 19 -- राज्य में आपराधिक मामलों के वैज्ञानिक अनुसंधान को तेज करने के लिये पुलिस महकमा छह नये फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) स्थापित करने जा रहा है।

यह जानकारी अपर पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) पारसनाथ ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी। उन्होंने बताया कि गयाजी, बेतिया, छपरा, मुंगेर, पूर्णिया और सहरसा में जल्द एफएसएल की स्थापना की जायेगी।

अपर पुलिस महानिदेशक ने बताया कि वर्तमान में पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और राजगीर में एफएसएल संचालित हैं, जबकि दरभंगा और रोहतास में मार्च तक एफएसएल शुरू होने की संभावना है। इस वर्ष के अंत तक राज्य में करीब एक दर्जन एफएसएल कार्यालय कार्यरत हो जायेंगे। मार्च तक पटना और राजगीर एफएसएल में साइबर फॉरेंसिक यूनिट भी शुरू कर दी जायेगी।

उन्होंने कहा कि बीएनएस समेत नये कानूनों के लागू होने के बाद गंभीर अपराधों में एफएसएल रिपोर्ट अनिवार्य हो गई है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 के अंतिम छह माह में 5,141 कांडों के 25,285 प्रदर्शों और वर्ष 2025 में 10,995 कांडों के 56,511 प्रदर्शों की जांच पूरी की जा चुकी है।

अपर पुलिस महानिदेशक ने बताया कि प्रयोगशालाओं के सुदृढ़ीकरण, डीएनए यूनिट की स्थापना, नई नियुक्तियों और चलंत फॉरेंसिक इकाइयों के विस्तार के लिये गृह विभाग को कई प्रस्ताव भेजे गये हैं। संवाददाता सम्मेलन में सीआईडी के डीआईजी दलजीत सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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