पटना , मार्च 26 -- केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बिहार में त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं को टाईड अनुदान की दूसरी किस्त के रूप में 1203.60 करोड़ की राशि जारी की है।
केन्द्र सरकार ने इसके साथ ही पहली किस्त के रोके गये हिस्से से 2.09 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि उन तीन ब्लॉक पंचायतों और सात ग्राम पंचायतों के लिए भी जारी कर दी गई है जो अब पात्र हो गई हैं।
इस मामले में 27 जनवरी को पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह से शिष्टाचार मुलाकात की थी और विभाग से जुड़े विभिन्न विषयों से संबंधित ज्ञापन सौंपा था।
15 वें वित्त आयोग की ओर से अनुशंसित अनुदान के तहत 803.79 करोड़, स्वास्थ्य क्षेत्र अनुदान के रूप में अवशेष 2622.65 करोड़ रुपये एवं राज्य की ग्राम पंचायतों में निर्मित पंचायत सरकार भवनों के क्रियान्वयन एवं रख-रखाव के लिए प्रति वर्ष वित्तीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया था। श्री प्रकाश ने राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के तहत केन्द्रांश मद के अवशेष 83 करोड़ रुपये की राशि विमुक्त करने का अनुरोध भी किया था। साथ ही राज्य के जिला पंचायत संसाधन केंद्रों में कंप्यूटर लैब के सुदृढ़ीकरण और ई-गवर्नेंस कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन व पंचायत स्तर पर आईटी आधारित सेवाओं के सुचारु क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत उक्त मद के लिए बजट में यथोचित वृद्धि प्रदान करने का आग्रह किया था।
मंत्री दीपक प्रकाश ने पंचायती राज मंत्री ललन सिंह को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस राशि से राज्य की ग्राम पंचायतों में संचालित जनकल्याणकारी कार्यों को नई गति प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि राज्य की ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों को स्वच्छता, ओडीएफ की स्थिति के संरक्षण एवं सुरक्षित पेयजल जैसी आधारभूत सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य के त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाते हुए ग्रामीण परिवेश में समाज के अंतिम तबके तक सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना विभाग का मुख्य उद्देश्य है। इस दिशा में विभाग तेजी से कार्य कर रहा है।
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